क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : अगले साल 26 जनवरी को रिपब्लिक डे पर नई दिल्ली के राजपथ पर इस बार झारखंड की झांकी दिखे, इसकी तैयारी अभी से ही शुरू कर दी गई है. इस बाबत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने झांकियों के थीम का ऐलान कर दिया है. इसमें जैन -बौद्ध और सनातन धर्म के संगम स्थल के तौर पर विख्यात चतरा का ईटखोरी, गुमला जिला का टांगीनाथ मंदिर और संथाल में 1855-56 का ऐतिहासिक हूल क्रांति थीम पर झांकी तैयार की जानी है. विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि रिपब्लिक डे के पांच महीने पहले झांकी का थीम घोषित करने के पीछे इसका बेहतर तरीके से निर्माण करना है, ताकि इसके सेलेक्शन को लेकर किसी तरह की चूक नहीं रह जाए. मालूम हो कि 2015 के बाद से ही नई दिल्ली के राजपथ पर झारखंड की झांकी नजर नहीं आ रही है.

तीन थीम, सेलेक्शन एक का

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, झांकी का निर्माण तीन थीमों पर होगा, लेकिन इनमें सबसे बेहतर किसी एक झांकी का ही सेलेक्शन रिपब्लिक डे सेरमेनी के लिए होगा. हालांकि, झारखंड सरकार द्वारा तय की गई झांकी को भी रिपब्लिक डे परेड में शामिल होने का मौका मिलेगा या नहीं, यह केंद्र सरकार की टीम तय करेगी. मालूम हो कि 2018 में राज्य सरकार की ओर से 2018 की झांकी के लिए हजारीबाग की सोहराय कला का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन देश- दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी यह पेंटिंग राजपथ तक नहीं पहुंच सकी.

कैसे होता है झांकी का अंतिम सेलेक्शन

झारखंड की ओर से तय किए गए झांकी को दिल्ली भेजा जाएगा, जहां सेलेक्शन के लिए बनी टीम 15 सितंबर के बाद बैठक कर झांकियों का चयन करती है. इसके लिए केंद्रीय गृह रक्षा और विदेश मंत्रालय के स्तर पर कई चरणों में बैठक होती है.

तीन सालों से नहीं दिखी झारखंड की झांकी

राजपथ पर पिछले तीन सालों से झारखंड की झांकी नहीं दिख रही है. 2016 में आयरन स्टील की प्रगति, 2017 में सरायकेला छऊ नृत्य और 2018 में हजारीबाग सोहराय पेंटिंग की थीम पर बेस्ड झांकी का प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन इसे रिजेक्ट कर दिया गया था.

18 साल में चार बार ही दिखी है झांकी

झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद अबतक चार बार ही झारखंड की झांकी नई दिल्ली के राजपथ पर दिखी है. इसमें 2004, 2007, 2013 और 2015 की झांकी शामिल थी. 2015 में गणतंत्र दिवस पर झारखंड की झांकी के पूरे देश में दूसरा स्थान मिला था. दुमका के मलुटी के मंदिर का प्रदर्शन झांकी में किया गया था.