-जिले में संस्थागत प्रसव का लाभ लेने कि दावा कर रही महिलाएं

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क्चढ्ढ॥न्क्त्रस्॥न्क्त्रढ्ढस्नस्न/क्कन्ञ्जहृन्: शेखपुरा जिले में सरकारी लाभ हासिल करने के लिए लोग अजब-गजब हथकंडे अपना रहे हैं, यह खुलासा शेखपुरा जिला के सदर अपस्ताल में हुआ है. इस खुलासे के मुताबिक कई महिलाएं पहला प्रसव होने के दो-ढाई महीने बाद ही फिर से प्रसव होने का दावा पेश कर सरकारी प्रोत्साहन राशि हासिल करने के लिए आवेदन किया है. बताया गया कि सिर्फ सदर अस्पताल में हाल के महीने में ऐसे 4 मामले सामने आए हैं. जांच के बाद पकड़ में आए इस फर्जीवाड़े को लेकर आवेदकों को ़कानूनी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी के बाद उनका दावा रद कर दिया गया है.

आधार नंबर से खुला राज

सिविल सर्जन डॉ एमपी सिंह ने बताया कि चारों महिलाओं नेच्बच्चे के जन्म की जो तिथि दर्ज कराई थी उसमें मात्र दो से ढाई महीने का अंतर था. सिविल सर्जन ने बताया कि जब इन महिलाओं द्वारा जमा किए गए आधार नंबर और बैंक अकाउंट का मिलान किया किया गया तो दोनों बार एक ही आधार और अकाउंट निकला. बाद में जांच-पड़ताल के बाद दूसरी बार प्रोत्साहन राशि के लिए दिए गए आवेदन को रद कर दिया गया. मामला सदर ब्लाक के पचना, सिरारी, बरारी और काशीचक गांव का बताया गया है. राशि भुगतान के लिए शुरू नई व्यवस्था पीएफएमएस से पकड़ा गया है.

चार मामले पकड़े गए हैं, जिसमें महिलाओं ने पहले संस्थागत प्रसव का प्रोत्साहन राशि लेने के बाद फिर से दो-ढाई महीने बाद ही दूसरे प्रसव का आवेदन देकर फिर से प्रोत्साहन राशि लेने का दावा कर दिया. मामले तब पकड़ में आया जब चारों महिलाओं द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट और आधार नंबर का मिलान किया गया.

-डॉ एमपी सिंह,सिविल सर्जन, सदर अस्पताल, शेखपुरा