1- गूगल ने अपने होमपेज पर डूडल के जरिए कथक क्‍वीन सितारा देवी को उनके जन्‍मदिन पर तोहफा दिया है।
एक थी कथक क्‍वीन सितारा देवी
2- कथक नृत्यांगना के रूप में जानी जाने वाली सितारा देवी का जन्म 8 नवंबर, 1920 को कोलकाता में हुआ था।
एक थी कथक क्‍वीन सितारा देवी
3- सितारा देवी ने काफी छोटी उम्र से कथक सीखना शुरू कर दिया था और लगभग 10 साल की उम्र में वह सोलो परफॉर्मेंस करने लगी थीं।
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4- मुंबई शिफ्ट होने के बाद उन्‍होंने आतिया बेगम पैलेस में कथक की प्रस्तुति दी थी। केवल चुनिंदा दर्शकों के लिए ही था।
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5- आतिया बेगम पैलेस के इस कार्यक्रम में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू और पारसी परोपकारी सर कोवासजी जहांगीर शामिल थे।
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6- सितारा देवी को अपनी कला और नृत्य के प्रति उनके विशेष योगदान के लिए 1970 में पद्मश्री और 1994 में कालिदास सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा चुका है।
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7- 1969 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था। 2002 में उन्होंने पद्मभूषण सम्मान लेने से इनकार कर दिया था।
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8- रबीन्द्रनाथ टैगोर इतने इम्प्रेस हुए कि उन्होंने सितारा देवी को एक शॉल और 50 रुपये की भेंट देकर सम्मानित किया।
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9- सितारा देवी कई फिल्मों में भी परफॉर्म किया। फिल्म नगीना 1951, रोटी, वतन 1954 और अंजली 1957 में उन्होंने परफॉर्म किया था।

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