-मंत्रिमंडल के फैसले

-डीबीटी के जरिए छात्रों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी राशि

क्कन्ञ्जहृन्: बिहार से बाहर तकनीकी शिक्षा ले रहे अनुसूचित जाति और जनजाति के स्टूडेंट्स की प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति के लिए 39.15 करोड़ रुपए की स्वीकृत दी गई है. राशि 2015-16 मार्च तक एडमिशन ले चुके और अध्ययनरत छात्रों के नामांकन शुल्क तथा अन्य अनिवार्य मद के लिए स्वीकृत की गई है. प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी है. साथ ही विधानमंडल में पेश होने वाले तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है.

24 हजार स्टूडेंट होंगे लाभान्वित

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति योजना के तहत निर्धारित मापदंड के आधार पर 2015-16 तक एडमिशन ले चुके स्टूडेंट्स के नामांकन और अन्य शुल्क की राशि बिहार सरकार को देनी थी. जिसे स्वीकृति दी गई है. राशि डायरेक्टर बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए स्टूडेंट्स के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. उन्होंने बताया कि योजना से करीब 24 हजार स्टूडेंट लाभान्वित होंगे.

बनेगा बॉर्डर आउट पोस्ट

मंत्रिमंडल ने भूमि बैंक परियोजना के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण को राजगीर अंचल के मौजा नेकपुर में 1.11 एकड़ गैर मजरुआ जमीन 17.48 लाख रुपए के भुगतान पर हस्तांरित करने की मंजूरी दी है. बैठक में किशनगंज जिले के मौजा पांचगाछी में तीन एकड़ जमीन 27 लाख रुपए के भुगतान पर गृह मंत्रालय को देने की मंजूरी भी दी गई. इस जमीन पर मंत्रालय एसएसबी बॉर्डर आउट पोस्ट बनाएगा.

52 प्राध्यापकों को अवधि विस्तार

मंत्रिमंडल ने विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के खाली पदों को लेकर अनुबंध पर नियोजित 52 सहायक प्राध्यापकों को एक वर्ष का अवधि विस्तार भी दिया है. राजकीय अतिथिशाला के अधीक्षक कृष्ण कुमार यादव का 28 फरवरी 2019 तक का अवधि विस्तार भी स्वीकृत की गई है.