कानपुर। पिछले कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कंप्यूटर और प्रोग्राम्‍स ने बड़ी तरक्की कर ली है। इसी कड़ी में सामने आया है एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम, जो इंसानों के व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बता सकता है वह भी सिर्फ उनकी आंखों को देखकर। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में कुछ रिसर्चर्स ने एक ऐसा आर्टिफिशियल प्रोग्राम बनाया है, जो किसी भी व्यक्ति की आंखों की मूवमेंट को स्‍कैन करके उसकी पर्सनालिटी के बारे में बहुत सी ऐसी बातें बता सकता है जो उसके बहुत करीबी लोग ही जानते होंगे।

रोबोट इंसानों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे
सीनेट डॉट कॉम की रिपोर्ट बताती है कि भविष्य के शानदार इस इंटेलिजेंस प्रोग्राम को डेवलप करने से जुड़े यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के रिसर्चर डॉक्टर टोबियस ने कहा है कि हमेशा से ही लोग अपने लिए बेहतरीन और खास तौर पर पर्सनलाइज्‍ड सर्विस चाहते हैं। ऐसे में उनका यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम क्रांतिकारी बदलाव कर देगा। इसके द्वारा इंसान और मशीनों के बीच का संवाद बहुत ही बेहतरीन हो सकता है। हालांकि अभी तक जो भी रोबोट्स और कंप्यूटर उपलब्‍ध हैं वो सोशली अवेयर नहीं है। यानि कि वो बिना बोले सिर्फ इशारों में दिए गए क्‍लू या संकेतों को समझ कर काम नहीं कर सकते। इस नई तकनीक द्वारा यह संभव हो सकता है कि आने वाले समय में रोबोट्स ज्यादा नेचुरल ढंग से सोच सके और इंसानों की भाषा के अलावा उनके द्वारा दिए गए संकेत और इशारों को भी समझ कर काम कर सकें।

आ गया है एक ऐसा इंटेलिजेंट कंप्‍यूटर जो हमारी आंखों में झांक कर बता देता है हमारे व्यक्तित्व के राज

कैसे काम करता है यह इंटेलिजेंस प्रोग्राम?
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के सीनिया रिसर्चर डॉक्टर टोबियस की टीम ने लंबे समय तक 42 लोगों की मूवमेंट को ट्रैक किया। इन सभी स्टूडेंट्स ने लगातार काफी दिनों तक आई ट्रैकिंग स्मार्ट ग्‍लास पहने थे और यह कंप्यूटर प्रोग्राम उनकी आंखों की हर एक मूवमेंट को स्कैन करता था। साथ ही डीटेल्‍ड क्वेश्चएयर की मदद से उनकी पर्सनालिटी और उनकी आदतों को समझा गया। इसके बाद सारा डेटा इस खास कंप्‍यूटर प्रोग्राम में फीड किया। फाइनली जब यह डाटा मर्ज किया गया तो यह AI प्रोग्राम लोगों की आंखों को देखकर उनकी पर्सनालिटी के बारे में बहुत कुछ बताने में सक्षम हो गया।

लोगों की सोच और बिहेवियर के बारे में बताता है बहुत कुछ
उदाहरण के लिए क्यूरियस लोग हमेशा अपने आसपास बहुत कुछ देखते रहते हैं। खुले विचारों के लोग किसी भी तरह की अनोखी इमेजेस को काफी देर तक घूरते हैं ताकि वो उसके भावों को समझ सकें। ऑप्टिमिस्टिक यानि अच्‍छाइयां देखने वाले लोग अपने आसपास मौजूद किसी भी तरह की नकारात्मक और भावनात्मक स्थितियों को देखने पर बहुत कम समय देते हैं। जबकि इसके उलट बुरी चीजों और बातों को पसंद करने वाले लोग ऐसी चीजों को काफी ध्यान से देखते हैं। इनके अलावा जो लोग हर वक्त कुछ ना कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं वह अपनी आंखें एक तरफ से दूसरी तरफ ज्यादा तेजी से चलाते हैं। ऐसे में यह कंप्यूटर प्रोग्राम लोगों की आंखों की ऐसी ही मूवमेंट ट्रैक करता है और उनके व्यक्तित्व के बारे में बता देता है। यानि कि यह कंप्यूटर प्रोग्राम किसी भी इंसान की आंखों को स्कैन करके उसके व्यवहार और व्यक्तित्व के बारे में कमाल का अंदाजा लगा सकता है। एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले समय में यह खोज वाकई बहुत ही कारगर साबित होगी।

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