-सीएम योगी के तंज पर पूर्व सीएम अखिलेश का पलटवार, कहा टीवी पर ऐसे लोगों को रोते देखा है

- हिंदू की परिभाषा क्या है यह बता दें सीएम

- हमारी सरकार में सभी यादव रिश्तेदार थे, अब रिश्तेदार किसके

GORAKHPUR: हम और आप सांप-छछूंदर हो गए हैं. जो सांप-छछूंदर की बात कर रहे हैं उन्हें हमने सदन के किनारे गूंगे बैठे देखा है. टीवी पर चला था कि आंसू कैसे निकले थे. यह बातें पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कही. वह बुधवार को गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. सपा, निषाद पार्टी, पीस पार्टी और बसपा के समर्थित उम्मीदवार प्रवीण निषाद में समर्थन में पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा, वह कहते हैं कि हम हिंदू हैं. अगर वह हिंदू हैं तो हम क्या हैं? अगर हम हिंदू नहीं हैं तो क्या हमें पिछड़ा और दलित समझा जा रहा है? अखिलेश ने पूछा कि वह बता दें कि हिन्दू की परिभाषा क्या है?

यही लगाते थे हिंदू-मुस्िलम का चश्मा

अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हम समाजवादी हैं, जिन्होंने गरीबों को एंबुलेंस दी, गर्भवती महिलाओं के लिए 108 और 102 एंबुलेंस दी. लैपटॉप बांटने वाले हम हैं, कोई ऐसा वार्ड नहीं बचा जहां लैपटॉप न पहुंचा हो. हम विकास वाले नहीं, लैपटॉप वाले नहीं, जब से बहुजन समाज पार्टी ने हमें समर्थन दिया है, तब से हम सांप और छछूंदर बन गए. अखिलेश ने कहा कि हमारी सरकार मदद करती थी, तो यही लोग हिंदू-मुस्लिम का चश्मा लगा देते थे. अब उनकी सरकार नहीं थी फिर भी मदद की, तो किसकी की? उन्होंने कहा कि यह सरकार उनके काम का मुकाबला नहीं कर सकती. 15 लाख कितनों के अकाउंट में आए? अगर इस वादे पर आप वोट दे रहे हैं, तो हम 30 लाख देने का वादा करेंगे.

आपका पैसा दूसरों को दे डाला

पूर्व सीएम ने भ्रष्टाचार की बात करते हुए कहा कि नोटबंदी से किसी को कोई फायदा नहीं हुआ. उनकी सरकार के ही मंत्री और विधायक कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार बढ़ा है. अब तो भ्रष्टाचारी पकड़े भी नहीं जा रहे हैं. पैसा आपका था बैंकों में जमा हुआ और उसे बैंक के माध्यम से दूसरे लोग लेकर निकल गए, अब वह लौटकर नहीं आएंगे. सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी थाने में यादव हो, तो उसे हमारा रिश्तेदार बता दिया जाता था. अब रिश्तेदार किसके हैं? लखनऊ से लेकर गोरखपुर में अब थाने कौन चला रहा है?

ऑक्सीजन मिल जाती तो नहीं जाती जान

गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर समय से बच्चों को ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान नहीं जाती. एक मां के कई साल बाद जुड़वा बच्चे हुए लेकिन उन्होंने दोनों बच्चे खो दिए, क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिली. हमारी सरकार नहीं थी तब भी हमने पीडि़त परिवारों की मदद की.

यह काम का मुकाबला नहीं कर सकते

अखिलेश ने कहा कि इनकी सरकार को भी एक साल हो गए हैं. लेकिन यह हमसे काम में मुकाबला नहीं कर सकते हैं. हमने समाजवादी पेंशन दी, तो उन्होंने इसे बंद कर दिया. पांच साल तक मिलेगी भी नहीं, लेकिन 2022 में सपा की सरकार आई तो जो पांच साल का गैप है उसे पूरा करने के लिए हम 1000 के बजाए 2000 समाजवादी पेंशन देंगे. शिक्षा मित्रों की आंगनबाड़ी और आशा सरकार से मदद का इंतजार कर रही हैं, लेकिन उन्हें मदद के बजाए लाठियां खानी पड़ रही है. यह मुकाबला काफी अहम है, इसलिए सभी को जिम्मेदारी के साथ लग जाएं और सपा कैंडिडेट को भारी मतों से जीत दिलाएं.