-दिल्ली में डकैती और दरोगा को गोली मारने का आरोप है, तीन साथी फरार हो गए

-तीनों आरोपी बांग्लादेशी, शहर फरारी काटने आ रहे थे, प्लेटफार्म चार पर पकड़े गए

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KANPUR : स्वतंत्रता दिवस के पहले सेंट्रल स्टेशन से तीन संदिग्ध युवकों को उठाए जाने से हड़कंप मच गया. दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम ने लोकल पुलिस की मदद से तीनों को पकड़ा है, लेकिन उनके तीन साथी पुलिस को गच्चा देकर भाग गए. बताया जा रहा है कि पकड़े गए तीनों संदिग्ध ने दिल्ली में कारोबारी के घर डकैती डालने के बाद भागने के दौरान एक दरोगा को गोली मार दी थी. तीनों ने पूछताछ में बताया कि वे बांग्लादेशी है और वे वारदात के बाद वापस भाग जाते है.

कानपुर में फरारी काटने आ रहे थे

दिल्ली के प्रीति विहार निवासी पुष्कर जैन कारोबारी है. बीते गुरुवार को उनके घर पर सात बदमाशों ने डाका डाला था. बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे थे कि इसी बीच पीआरवी पुलिस के साथ दरोगा लोकेश कुमार फोर्स के साथ वहां पहुंच गए. यह देख बदमाश भागे. पुलिस ने उनका पीछा किया तो उन लोगों ने फायरिंग कर दी. जिसमें दरोगा लोकेश कुमार गोली लगने से घायल हो गए. सातों बदमाश वहां से फरार हो गए.

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान

दिल्ली पुलिस ने बदमाशों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला तो एक आरोपी की पहचान हो गई. पुलिस ने उसको उठाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि बांग्लादेशी बदमाशों के गैंग ने वारदात की है. वे ट्रेन पकड़ कर कानपुर फरारी काटने जाएंगे. इसका पता चलने ही दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम कानपुर आ गई. यहां पर एसपी ईस्ट की टीम की मदद ली. वे बदमाशों को ढूंढते हुए प्लेटफार्म चार और पांच पर पहुंचे थे कि वहां पर उनका बदमाशों से सामना हो गया.

आतंकियों के पकड़े जाने की अफवाह उड़ी

दिल्ली क्राइम ब्रांच और एसपी ईस्ट की टीम ने दौड़ाकर तीन बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि उनके तीन साथी भाग गए. पुलिस हत्थे चढ़े बदमाशों को रेलबाजार थाने ले गई. वहां तीनों की तलाशी ली गई तो उनके पास से तमंचा, कारतूस, चाकू और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ. तीनों ने पूछताछ में बताया कि उनका नाम इकराम, लड्डू और सलीम है. तीनों बांग्लादेशी है. उनके फरार साथी भी बांग्लादेशी है. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जिस तरह लोकल पुलिस की मदद से तीनों संदिग्ध को सेंट्रल स्टेशन उठाया. आतंकियों के पकड़े जाने की अफवाह उड़ गई.

क्राइम ब्रांच को संदिग्ध समझ्ाकर रोका

दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में सेंट्रल स्टेशन पर शातिरों को ढूंढ रही थी. वे हथियारों से लैस थे. उन्होंने जीआरपी को जानकारी भी नहीं दी थी. जिसके चलते जीआरपी के दो सिपाहियों ने क्राइम ब्रांच टीम के सदस्य को संदिग्ध समझकर रोक लिया. वे तलाशी लेने के बाद उनको इंस्पेक्टर के पास ले गए. वहां क्राइम ब्रांच ने परिचय दिया. जिसके बाद उन्हें थाने से छोड़ा गया.