-114 की जान बरेली में अब तक जा चुकी है

-कार्ययोजना के क्रियान्वयन में खामी को पाए जाने पर डीएमओ सस्पेंड

-शहर के निरीक्षण में मिली गंदगी तो एसीएमओ और जगतपुर एमओआईसी भी सस्पेंड

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BAREILLY:

बुखार से बरेली और आसपास मौतें होती रहीं. लोग राहत के लिए अस्पतालों की ओर निगाह लगाए रहे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर पर्दा डालने में लगे हुए थे. आखिरकार बुखार की तपिश का अहसास सरकार को हुआ तो ट्यूजडे को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह दौड़े-दौड़े बरेली पहुंचे. उनके साथ प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे. जिला अस्पताल में सभी वार्डो का निरीक्षण कर मरीजों से उनका हाल पूछा. इसके बाद खामियां बेपर्दा हुई तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट मलेरिया अफसर और सीएचसी जगतपुर की अधीक्षक पर निलंबन की गाज गिर गई. वहीं, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की सीएमएस को 24 घंटे की मोहलत मिली है.

अफसरों ने बरती लापरवाही

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री शहर में सफाई व्यवस्था का हाल देखने के लिए पुराना शहर निकले, तो उनका जगह-जगह गंदगी और जलभराव से सामना हुआ. नाले चोक पड़े थे. जिससे खफा स्वास्थ्य मंत्री ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार को सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया तो. लखनऊ की टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पंकज कुमार जैन को निलंबित किया गया. जगतपुर स्वास्थ्य केंद्र में ताला पड़ा होने व परिसर में पानी व कीचड़ होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता भारद्वाज को भी सस्पेंड करने को कह गए. वहां तैनात सभी डॉक्टरों के नाम भी मांगे.

दोनों सीएमएस राडार पर

सर्किट हाउस में बातचीत के दौरान बोले कि निरीक्षण के दौरान जो खामी एडीएसआईसी पुरुष डॉ. केएस गुप्ता और महिला हॉस्पिटल सीएमएस डॉ. साधना सक्सेना के बीच में को-आर्डिनेशन की जो खामी मुझे मिली है.उसे मैंने खुद देखा है.इसका मुझे दुख हुआ है कि ऐसे सीएमएस यहां बैठे हुए हैं. और मै इतना कह सकता हूं कि वह दोनों मेरे नोटिस पीरियड में आ गए हैं. तो उन्हें 24 घंटे में सुधार जाएं नहीं तो बहुत दिन पद पर नहीं रह पाएंगे. क्योंकि दोनों रडार पर हैं. इसके लिए डीजी हेल्थ थर्सडे तक मुझे रिपोर्ट करेंगे. रिपोर्ट में सुधार नहीं हुआ तो यह अच्छा नहीं होगा.

कार्य योजना के क्रियान्वयन में खामी

वेक्टर बॉर्न बीमारियों से निपटने के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई थी. उसके क्रियान्वयन में खामी पाई गई. इसीलिए स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मैने डिस्ट्रिक्ट मलेरिया आफिसर पीके जैन को तत्काल सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही उनके ऊपर कार्रवाई और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए मेरे विशेष सचिव नीरज शुक्ला कार्रवाई तय करेंगे. लेकिन जो कार्रवाई होगी वह कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2017 में जेई और एईएस वेक्टर बोर्न बीमारियों से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाई गई थी. जिसमें नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास और पेयजल आदि विभागों को जोड़ा गया था. जहां पर काम किया वहां पर रिजल्ट अच्छा रहा. इसीलिए पिछले वर्ष वेक्टर बॉर्न बीमारियों से जूझना नहीं पड़ा, जिसे सीएम ने भी सराहा था. लेकिन इस बार कार्ययोजना का सफल संचालन नहीं किया गया. बरेली में बुखार से मौतों की यह एक बड़ी वजह है.

डेथ पर बोले आडिट के बाद देंगे रिपोर्ट

फीवर के मरीजों की बढ़ती संख्या पर बोले महिला हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग में 95 बेड फ‌र्स्ट फ्लोर पर लगवा दिए हैं. जबकि सेकंड फ्लोर पर भी वार्ड बनाया जा रहा है उसमें बेड लग गए है जरूरत पड़ी तो एक्स्ट्रा बेड और बढ़ाए जाएंगे. वहीं मरीजों की संख्या बरेली में बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर से भी रेफर किए जा रहे हैं. इसीलिए शाहजहांपुर से पांच लैब असिस्टेंट बरेली बुला लिए गए हैं. बदांयू से भी पांच बुलाए गए हैं. जबकि फिजिशियन भी बुलाए गए. वहीं डेथ के आंकडों के बारे में बताया कि आडिट करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. अभी फिगर कन्फर्म नहीं हुआ है. डीएम के माध्यम से आपको मिल जाएंगे. लेकिन अभी कन्फर्म करके ही बता देंगे.

18,790 मरीजों का हो चुका इलाज

आंकड़ों पर बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सितम्बर में अब तक डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में 18790 मरीजों को दवा दी जा चुकी है. इसमें सभी बुखार नहीं हैं. 8,317 है बुखार, 3,900 की स्लाइड बनाई गई जबकि 17 हजार को क्लोरिन की टेबलेट्स और साढ़े छह हजार को ओआरएस वितरण किया गया है. इससे हम कह सकते हैं कि सुधार लगातार कर रहे हैं और लगातार कर रहे हैं.