Ranchi: बता दें इस मामले में उस नंबर पर मुन्ना उर्फ अजय ने कई बार बातें की थी. उन नंबरों की पड़ताल करने पर पुलिस को पता चला कि तीनों नंबर में से एक मुन्ना के क्लासमेट, दूसरा डोरंडा कॉलेज की छात्रा और तीसरा रामगढ़ कॉलेज के स्टूडेंट का था.


करती थी परेशान, नंबर किया चेंज

मुन्ना ने डोरंडा कॉलेज में पढ़ रही छात्रा को सोनी ने बताया था कि खुशबू उसे फोन कर परेशान करती है. इन वजह से उसने नंबर भी चेंज कर दिया था. इधर, मुन्ना की मां फूलो देवी ने बेटे की नियमित जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की है. याचिका पर पांच मई को सुनवाई होगी. गौरतलब को पुलिस ने मुन्ना के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और अपहरण तथा हत्याकांड में संलिप्त होने के शक में जेल भेज दिया है. हालांकि, मुन्ना के परिजन उसे निर्दोष करार दिया और डीआईजी को इस मामले में जांच का आग्रह किया था. जांच के लिए सिटी एसपी को निर्देश दिया था.

नही मिला है पोस्टमार्टम रिपोर्ट

अभी तक खुशबू हत्याकांड में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही मिल पाया है. पुलिस का मानना है कि रिपोर्ट से इस मामले में और तथ्य मिलने की संभावना है.

क्या है घटनाक्रम?

-22 मार्च

खुशबू कोकर स्थित घर से निकली थी. हाथ मे केरोसिन का डब्बा भी था

- 22 मार्च

को थाने में मिसिंग की एंट्री दर्ज

- 23 मार्च

खुशूब की जली हुई बॉडी मिली

-24 मार्च

पुलिस ने मुन्ना उर्फ अजय व उसके दोस्तों को लिया हिरासत में

- 26 मार्च

मुन्ना पर एक अन्य धारा जोड़ा गया

- 27 मार्च

पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा

पुलिस ने जताई ये आशंका

- जिस दिन खुशबू घर से निकली, उस दिन मुन्ना उर्फ अजय जेएन कॉलेज में एग्जाम दे रहा था, उसका मोबाइल स्विच ऑफ था.

- ख़ुशबू ने कहा वह अजय से मिलने राजभवन के पास गई थी तो अजय के स्थान पर उसे कौन मिला था.

-सीसीटीवी में कहीं युवती राजभवन के समीप नही दिखी तो उसे कौन ले गया.

किस-किस एंगल से हो रही जांच

- कहीं यह ऑनर किलिंग तो नहीं

- कहीं अजय के नाम पर धोखा तो नहीं

- आरोपी लटमा का या कोकर का रहने वाला तो नहीं

- कहीं ऑटो चालकों ने तो नहीं दिया घटना को अंजाम

- बदमाशों की शिकार तो नहीं हुई खुशबू