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AGRA :
पकड़े गए शातिर जीआरपी के एसआई कृपाशंक र और राजेश कुमार गौतम की टीम की पूछताछ में शातिरों ने अपने नाम रिंकू पुत्र कृपाल निवासी भोगांव मैनुपरी, संजीव मिश्रा पुत्र रामेश्वर निवासी मुबारकपुर दिल्ली, कपिल शर्मा पुत्र महेन्द्र शर्मा निवासी गोवर्धन मथुरा, विजय यादव पुत्र दयाराम निवासी संतकबीर, विजय यादव पुत्र दयाराम निवासी भागलपुर बिहार को बताया है।

3 हजार करोड़ का नुकसान
चेन पुलिंग होने से रेलवे को हर वर्ष तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है। सूत्रों के अनुसार गत वर्ष एनसीआर के तीनों मंडलों में जिसमें आगरा, झांसी और इलाहाबाद में तकरीबन साढ़े तीन हजार लोग चेन पुलिंग करते हुए पकड़े गए थे। इस दौरान रेलवे ने खूब जुर्माना वसूला था। बावजूद इसके अब तक चेन पुलिंग नहीं रोकी जा सकी है।

डिवीजन में रोज पांच मामले

आगरा रेलवे डिवीजन में जब भी कोई तीज त्यौहार, उत्सव या गोवर्धन मेला का आयोजन होता है। तो रोजना पांच चेन पुलिंग की घटनाएं हो जाती है, जबकि सामान्य दिनों में दो से तीन घटनाएं सामने आती हैं। इस बारे में आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चेन पुलिंग रोकने के लिए आरपीएफ का एस्कॉर्ट ट्रेन कोच में चलता है। चेन पुलिस करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

एक साल की सजा का प्रावधान
चेन पुलिंग करने पर एक हजार रुपये जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में आरपीएफ गिरफ्तारी भी करती है। आपको बता दें कि चेन पुलिंग से अपराध को तो बढ़ावा मिलता ही है। साथ ही रेलवे को नुकसान होता है। पैसेंजर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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