- जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पीठासीन अधिकारियों के फोन में जीपीएस एप करवाई डाउनलोड

- पीठासीन अधिकारी की लोकेशन से होगी ईवीएम की निगरानी

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DEHRADUN:
पोलिंग पार्टीज और ईवीएम की हर पल निगरानी के लिए इस बार जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी। सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट सहित पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल पर जीपीएस डाउनलोड करने के बाद ही उन्हें पोलिंग सेंटर्स के लिए रवाना किया गया।

8 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने किया जीपीएस डाउनलोड
रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पो‌र्ट्स कॉलेज में पोलिंग सेंटर के लिए रवाना होने से पहले करीब 8 हजार कर्मचारी-अफसरों ने जीपीएस एप अपने मोबाइल में अपलोड की। इतने ज्यादा कर्मचारियों द्वारा एक ही समय में एप डाउनलोड करने के कारण सर्वर डाउन हो गया और एप डाउनलोड करने में कर्मचारियों को काफी दिक्कतें सामने आई। चौराहों पर कर्मचारी एप डाउनलोड करते दिखे।

पीठासीन अधिकारी की लोकेशन से ईवीएम की निगरानी
पोलिंग पार्टी में शामिल पीठासीन अधिकारी के मोबाइल पर भी जीपीएस एप डाउनलोड की गई है। पीठासीन अधिकारी की लोकेशन से ही ईवीएम की निगरानी की जाएगी। ऐसे में वह जरा भी इधर-उधर होता है तो इसकी जानकारी तुरंत इलेक्शन कमीशन के कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी।

कर्मचारी हो जाते थे गोल
इलेक्शन के दौरान कई बार सामने आया कि पोलिंग पार्टी में शामिल कर्मचारी पोलिंग बूथ छोड़ इधर-उधर निकल गए। कई बार पोलिंग बूथ और घर एक ही शहर में होने के चलते कुछ कर्मचारी रात को घर चले जाते थे। ऐसे में ईवीएम सिक्योरिटी पर सवाल खड़े होते थे। इसे देखते हुए जीपीएस ट्रैंिकंग का फैसला लिया गया।

गाड़ी में बैठते ही ट्रैकिंग शुरू

वेडनसडे को जैसे ही पोलिंग पार्टीज वाहनों में बैठीं, ट्रैकिंग सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया। वोट कास्टिंग से लेकर ईवीएम जमा कराने तक ट्रैकिंग जारी रहेगी। जिसकी मॉनिटररिंग कंट्रोल रूम में होगी।

मोबाइल नंबर पहले ही लिस्टेड

पोलिंग पार्टी के हर मेंबर का मोबाइल नंबर पहले से लिस्टेड कर लिया गया था। हालांकि, अब लाइव ट्रैकिंग के लिए उनके मोबाइल में जीपीएस डाउनलोड किया गया।

सर्वर डाउन होने की वजह से एप डाउनलोड होने में कुछ दिक्कत जरूर आई लेकिन सभी के फोन में जीपीएस ट्रैकिंग एप डाउनलोड होने के बाद ईवीएम पर नजर रखी जा सकेगी।

- डीएम, एसए मुरुगेशन