- टिकट दलाल ने खुलेआम कबूली पीआरएस कर्मचारियों से मिलीभगत की बात

- चार सौ रुपए थर्ड एसी और सेकेंड एसी के लिए पांच सौ रुपए सुविधा शुल्क ले कहीं का भी दिला देते टिकट

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GORAKHPUR: धर्मशाला बाजार स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र पर एक बार फिर टिकटों का खेल शुरू हो गया है. पीआरएस कर्मचारियों की मिलीभगत से बेखौफ टिकट दलाल खुलेआम पीआरएस के गेट से लेकर अंदर तक सुविधा शुल्क लेकर कंफर्म टिकट दिलाने की गारंटी ले रहे हैं. टिकट की गारंटी पूछने पर इत्मिनान से पीआरएस कर्मचारियों से सेटिंग का हवाला भी देकर लोगों को कंविंस किया जा रहा है. ये खुलासा हुआ दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के स्टिंग में. दलालों के बारे में मिली सूचना पर पैसेंजर बन पीआरएस पहुंचे रिपोर्टर को दलाल ने जो बातें बताईं उनसे चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई.

पंक्चर की दुकान में भरते रिजर्वेशन फॉर्म

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर गुरुवार को धर्मशाला चौराहे की तरफ से पीआरएस पर पहुंचा. पीआरएस गेट के बाएं साइड स्थित पंक्चर की दुकान पर ही एक व्यक्ति रिजर्वेशन फॉर्म भर रहा था. दो अन्य युवक भी उसके साथ खड़े थे. रिपोर्टर पर नजर पड़ी तो सीधे फॉर्म भर रहे व्यक्ति ने पूछ लिया कि कहां का टिकट चाहिए. पूछने पर कि वह कैसे टिकट दिलाएगा उसने कहा कि हर टिकट यहीं से मिल जाएगा. रिपोर्टर ने कहा कि उसे सूरत का टिकट चाहिए, वो भी एसी थर्ड का. दलाल ने बताया कि एसी थर्ड के लिए 400 व सेकेंड एसी के लिए 500 प्रति व्यक्ति अतिरिक्त देना होगा. रुपए अदा करते ही कंफर्म टिकट मिल जाएगा.

बुकिंग क्लर्क की सेटिंग से चल रहा खेल

गड़बड़ की गुंजाइश पूछने पर दलाल ने बेफिक्री से कह दिया कि कोई दिक्कत नहीं होगी. पीआरएस में काम करने वाले कर्मचारियों से उसकी पूरी सेटिंग है. इस कारण कंफर्म टिकट दिलाना उसके बाएं हाथ का खेल है. न तो पैसेंजर को टिकट के लिए लाइन में लगने की जरूरत पड़ती है. घर बैठे ही टिकट दिला दिया जाता है. इसके लिए बस उसे पीआरएस के कर्मचारियों को उनका कमीशन देना पड़ता है.

कार्रवाई का भी नहीं है डर

खुलेआम रेल टिकटों की कालाबाजारी कर रहे इन लोगों को कार्रवाई का डर भी नहीं दिखा. जबकि इससे पहले भी विजिलेंस व आरपीएफ पीआरएस पर छापेमारी के दौरान कई बुकिंग क्लर्को के संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई कर चुके हैं. दलालों के साथ बुकिंग क्लर्क की मिलीभगत के मामले में भी रेलवे उच्च अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई की गई थी. लेकिन एक बार फिर ये बेखौफ टिकट दलाल आरपीएफ से लेकर विजिलेंस, सीआईबी और एसआईबी को खुली चुनौती दे रहे हैं.

रिपोर्टर और टिकट दलाल के बीच हुई बातचीत

रिपोर्टर - सूरत जाना है.

दलाल - किस क्लास का टिकट कराना है.

रिपोर्टर - एसी थर्ड या एसी सेकेंड

दलाल - हो जाएगा

रिपोर्टर - कितना लगेगा

दलाल - एसी थर्ड का 1680 रुपए लगेगा

रिपोर्टर - सेकेंड एसी में कितना लगेगा.

दलाल - 2800 रुपए एक आदमी का.

रिपोर्टर - एक आदमी का इतना लगेगा

दलाल - हां

रिपोर्टर - यह किराया है.

दलाल- नहीं, इसमें जितना किराया होगा, उसमें चार सौ रुपए अतिरिक्त शुल्क लगेगा.

रिपोर्टर - कंफर्म टिकट देंगे ना. लाइन में तो नहीं लगना पड़ेगा.

दलाल - आपको कंफर्म टिकट देंगे और लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा.

रिपोर्टर - कंफर्म टिकट देंगे ना?

दलाल - आपको जाना कब है. कल या परसों.

रिपोर्टर - कल ही जाना है.

दलाल - तब तो आपका टिकट आज ही निकलवा देंगे. रात को अवध एक्सप्रेस से चले जाइए.

रिपोर्टर - नहीं कल जाना है.

दलाल - तो ठीक है आपका अवध एक्सप्रेस में जो दोपहर में 1.30 बजे जाती है उसमें करवा देते हैं.

रिपोर्टर - आप लोग अंदर से टिकट बनवाते हैं.

दलाल - हां, और क्या

रिपोर्टर - काउंटर टिकट देंगे या फिर ई-टिकट.

दलाल- आपको काउंटर टिकट देंगे.

नोट- टिकट दलाल व रिपोर्टर की बातचीत का वीडियो भी दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के पास मौजूद है.

बॉक्स

सुस्त है आरपीएफ व विजिलेंस

आरक्षण केंद्र पर ही इस तरह से टिकट दलालों का सक्रिय होना कहीं न कहीं आरपीएफ व विजिलेंस की ढुलमुल रवैया बयां कर रहा है. जबकि आरपीएफ का दावा रहता है कि टिकट दलालों पर वे बराबर कार्रवाई करते रहते हैं

वर्जन

टिकट दलालों को समय-समय पर पकड़ा जाता रहता है. अभी पिछले दिनों में कई दलाल पकड़े गए थे. इस मामले में भी धर पकड़ कराई जाएगी.

- संजय यादव, सीपीआरओ, एनई रेलवे