कानपुर। भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज में बाजी कौन मारेगा, इसको लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। एक तरफ भारतीय कप्तान विराट कोहली हैं तो दूसरी तरफ आॅस्ट्रेलियार्इ टीम की कमान टिम पेन के हाथों में है। आॅस्ट्रेलियार्इ विकेटकीपर बैट्समैन टिम पेन का आज 34वां जन्मदिन है। पेन को क्रिकेट खेलते भले ही 9 साल हो गए मगर वे चर्चा में तब आए जब उन्हें आॅस्ट्रेलियार्इ क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया। बाॅल टेंपरिंग में दोषी पाए गए स्टीव स्मिथ पर बैन लगने के बाद आॅस्ट्रेलिया टेस्ट टीम की कमान टिम पेन को सौंपी गर्इ। बस यही उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

उतार-चढ़ाव से भरा रहा है पेन का करियर
टीम पेन का क्रिकेट करियर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम में वो कभी भी अपना स्थान पक्का नहीं कर पाए और टीम से अंदर-बाहर होते रहे। 7 साल के लंबे अंतराल के बाद छह महीने पहले जब उनका टेस्ट टीम में चयन किया गया, तो सभी को हैरानी हो गई की इतने लंबे समय के बाद इस खिलाड़ी का चयन क्यों किया गया। हालांकि पिछले साल ही टीम पेन क्रिकेट छोड़ने का मन बना चुके थे, वो ऑस्ट्रेलिया की क्षेत्रीय तस्मानिया टीम से बाहर थे। इतना ही नहीं उन्होंने क्रिकेट के सामान बनाने वाली कंपनी कूकाबूरा के साथ नौकरी की पेशकश भी स्वीकार कर ली थी और इसके लिए वो मेलबर्न शिफ्ट भी हो गए थे।
क्रिकेट छोड़ नौकरी करने जा रहा था ये खिलाड़ी,तभी बना दिया गया आॅस्ट्रेलिया का कप्तान
इस तरह फिर हुई क्रिकेट में वापसी

क्रिकेट छोड़ने की पूरी तैयारी कर चुके टिम पेन कि किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था, उन्हें अपने देश की अंतरराष्ट्रीय टीम का कप्तान बनना था। क्रिकेट छोड़ने जा रहे टीम पेन को तस्मानिया की टीम मुश्किलों में घिरी तो उन्होंने इस विकेटकीपर बल्लेबाज़ को वापस बुला लिया। इसके साथ ही पेन को दो साल का करियर एक्सटेंशन भी दिया गया। तब पेन ने बताया था, ‘मैं कूकाबूरा में नौकरी स्वीकार करने से बहुत दूर नहीं था। एक वक्त हालात ऐसे थे कि मेरे लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने के बारे में सोचना ही ज्यादा था। मैं खुशकिस्मत रहा हूं कि क्रिकेट तस्मानिया में काफी बदलाव हुए। मैं और कुछ अन्य सीनियर खिलाड़ियों के लिए यह नई शुरुआत थी।’

टीम से बाहर होने के बाद गए हनीमून पर
2016 में टिम पेन को तस्मानिया की टीम से बाहर किया गया, तो वो हनीमून पर चले गए थे। 2017 में जब वह क्रिकेट छोड़ने का मन बना चुके थे, तब उनकी पहली संतान उनकी बेटी का जन्म हुआ। उनकी बेटी का नाम ‘मिला’ है।

इस वजह से भी लगा मैदान पर आने में समय
2011 तक टिम पेन चार टेस्ट और 26 वनडे खेल चुके थे। उन्हें कप्तान के विकल्प के तौर पर देखा भी जा रहा था, लेकिन एक मैच में उंगली में लगी चोट उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुई। टूटी उंगली को जोड़ने के लिए किए गए 6 ऑपरेशन नाकाम रहे। इसकी वजह से उन्हें मैदान पर वापसी करने में काफी वक्त लग गया।

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