- वित्तीय वर्ष खत्म होने के डेढ़ माह भी जारी नहीं किए गए टेंडर

- पुराने विज्ञापन लगे होने से निगम को हो रही करोड़ों रुपए की राजस्व हानि, अधिकारी कर रहे नजरअंदाज

बरेली : वित्तीय वर्ष खत्म होने और करार समाप्त होने के बाद भी शहर में लगे यूनीपोलों और होर्डिगों में विज्ञापन सज रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के डेढ़ माह बाद भी विज्ञापन नहीं उतारे गए हैं। इससे जहां एक ओर निगम को करोड़ों रुपए की हानि हो रही है वहीं दूसरी तरफ एजेंसी की चांदी जरूर हो रही है। शहर में चौकी चौराहा, स्टेडियम रोड, जंक्शन-कलेक्ट्रेट रोड आदि जगहों और हाईवे किनारे भी विज्ञापन लगे हुए हैं, पर इनको उतरवाने की किसी ने सुध नहीं ली।

आचार संहिता का बनाया बहाना

मामले को लेकर जब अधिकारियों से बात की तो उनका कहना है कि आचार संहिता की वजह से टेंडर जारी नहीं हो सके हैं। अब आचार संहिता से टेंडर जारी नहीं हुए यह बात तो समझ में आती है, लेकिन होर्डिग और यूनीपोल में लगे विज्ञापन हटाने में आचार संहिता कैसे आड़े आ रही, यह समझ से परे है।

मिल-भगत तो नहीं

यह तो संभव नहीं है कि विज्ञापनों से शहर पटा है और अधिकारियों को पता ही नहीं है। अगर पता है तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह सवाल उठना लाजमी है। ऐसा भी हो सकता है कि विज्ञापन लगे होने पर एजेंसी से तो टैक्स वसूला जा रहा हो पर निगम को न दिया जा रहा हो। अंदेशा है कि विभागीय अधिकारी टैक्स निगम को जमा न करके अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं।

यह होती है प्रक्रिया

वित्तीय वर्ष यानि कि एक अप्रैल से 31 मार्च तक शहर में लगे यूनीपोल और होर्डिग में विज्ञापन के आंवटन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी की जाती है। आवंटन के बाद जिसे भी यूनीपोल और होर्डिग दिया जाता है, वह महीने के हिसाब से निगम को टैक्स देता है। एक साल का निगम के साथ एजेंसी का करार होता है। हर साल वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद नये सिरे से प्रक्रिया आरंभ की जाती है।

वर्जन :::

आचार संहिता के चलते टेंडर प्रक्रिया जारी नहीं हो सकी है। चुनाव में व्यस्तता के चलते विज्ञापन नहीं उतरवाए गए। जल्द ही नये सिरे से प्रक्रिया आरंभ होगी।

ललतेश सक्सेना, कर निर्धारण अधिकारी व अतिक्रमण प्रभारी