JAMSHEDPUR: टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) से रिटायर्ड 76 वर्षीय डॉ. एबी बलसारा को बेटे फरहाद बलसारा व फरहाद की सहयोगी कामिनी शर्मा ने अपने ही घर में कैद कर रखा है. सर्किट हाउस एरिया रोड नंबर पांच स्थित आस्था मनोर हाउस में रहने वाले डॉ. बलसारा ने इसकी शिकायत बिष्टुपुर थाना में की है. रिटायर्ड डाक्टर ने बताया कि उन्हें पुत्र व उसकी प्रेमिका से जान का खतरा है. रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि सर्किट हाउस स्थित रोड नंबर पांच में उनका घर है, जिसे पुत्र फरहाद ने बलपूर्वक हथियाना चाहता है. उन्होंने बताया कि जीवन के अंतिम पड़ाव में उनके पास यही एक आशियाना है. बेटा फरहाद व कामिनी न सिर्फ जान से मारने की धमकी देते हैं, बल्कि झूठे केस में फंसाकर जेल भेजवाने को लेकर डराते रहते हैं. डाक्टर ने बताया कि फरहाद कहता है कि अगर मैं उनकी बात नहीं मानता हूं तो वह मेरी बेटी या फिर जो कोई भी मेरी मदद का प्रयास करेगा उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा. डॉ. बलसारा ने बताया कि एक बार फरहाद मुझे जान से मारने की नियत से चाकू लेकर दौड़ा तब मैंने कमरे का दरवाजा बंदकर किसी तरह से जान बचाई. उन्होंने बताया कि दिसंबर 2017 में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) व एसएसपी कार्यालय में शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

सीसीटीवी से कर रहा निगरानी

डॉ. बलसारा ने बताया कि घर में उनका जीना मुहाल हो गया है. मेरे कमरे के हरेक कोने पर सीसीटीवी व माइक्रोफोन लगा दिया गया है, ताकि मैं किसी से फोन पर बात भी नहीं कर सकूं. ऐसा लगता है कि मैं अपने घर में नहीं, बल्कि किसी जेल में हूं.

मेडिकल स्टाफ को भी घर में घुसने नहीं देते

फरहाद की क्रूरता की हद तो तब हो गई, जब उसने मेडिकल स्टाफ को भी घर में प्रवेश करने से मना कर दिया. बकौल डॉ. बलसारा, वह लकवाग्रस्त हैं और उन्हें हर समय किसी न किसी की सहायता की जरूरत होती है.

पागल घोषित करने का किया गया प्रयास

डॉ. बलसारा ने अपने पुत्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पागल घोषित करने की पूरी कोशिश की गई. हाल ही में मेरे बैंक खातों को फ्रीज कर दिया. फरहाद ने बैंक अधिकारियों को बताया कि मैं पागल (मेंटली अनफिट) हो गया हूं.

एक-एक पैसे को मोहताज बने

ऐसी स्थिति में डॉ. बलसारा आज एक-एक पैसे को मोहताज हो गए हैं. खाते फ्रीज होने के कारण वह बैंक से पैसे निकाल नहीं सकते. स्थिति यह हो गई है कि जो डॉक्टर कभी दूसरों को मुफ्त में दवाईयां बांटा करता था, आज खुद की दवा के लिए मोहताज है. ड्राइवर व नौकरों को देने के लिए पैसे नहीं हैं.

फरहाद ने जबरन वसीयत लिखवाया

डॉ. बलसारा ने बताया, मेरे पुत्र फरहाद ने जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया है, जिसमें यह लिखा हुआ है कि मेरे मरने के बाद घर, कार व जितनी भी संपत्ति है, सब फरहाद का होगा. यह स्थिति मेरे लिए काफी कष्टदायक है.

फरहाद को घर से निकालने की गुहार

प्राथमिकी के अनुसार, डॉ. बलसारा ने गुहार लगाई है कि उनके पुत्र फरहाद बलसारा व उसकी प्रेमिका कामिनी शर्मा को जल्द से जल्द घर से बेदखल किया जाए, क्योंकि इन दोनों से उन्हें जान का खतरा है.