सुबह 3 बजे जागा याकूब:
गुनहगार याकूब मेमम को सुबह 3 बजे य़ाकूब को उठाया गया। उसके बाद उसने नहाने के बाद नए सफेद कपड़े पहने।

नाश्‍ता ठीक से नहीं किया:
करीब 3.25 बजे करीब उसे उसका मनपसंद नाश्ता दिया गया हालांकि उसने ठीक से नाश्‍ता नहीं किया। फिर उसने प्रार्थना की।

चेहरे पर उदासी छाई रही:

इसके बादि 4.30 बजे बैरक के बाहर निकाला गया और उसे तहखाने तक ले जाया गया। उस समय याकूब के चेहरे पर उदासी छाई थी।

6 बजे  गुनाह बताए गए:

फांसी की प्रकिया की ओर बढ़ते याकूब को 6.15 के बाद उसे बताया गया कि उसे किन गुनाहों के तहत फांसी हो रही है। उसे उसके सभी गुनाह बताए गए।

इंतजार खत्‍म हुआ:
आखिर फिर वह वक्‍त आ गया जिसके लिए पूरे देश को इंतजार था। करीब 7 बजे याकूब मेमन को फांसी दे दी गई

ये लोग रहे मौजूद:
याकूब की फांसी के वक्त ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट गिरीश जोशी, सीएमओ, सुप्रीटेंडेंट योगेश देसाई, दो कांस्टेबल और डीआईजी राजेंद्र धामने उपस्‍िथत रहे।

जारी है पोस्‍टमार्टम्‍ा:

अब गुनहगार याकूब मेमन का पोस्‍टमार्टम नागपुर जेल के अंदर ही हो रहा है।

कब्रि‍स्तान में दफनाने की इच्छा:
इस दौरान याकूब के परिवार ने शव को पुश्तैनी कब्रि‍स्तान में दफनाने की इच्छा जताई है। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं आया है।

जन्‍म दिन या मरण दिन:

याकूब मेमन को आज जन्‍म दिन के दिन ही दी गई फांसी। उसके गुनाहों ने उसके जन्‍म दिन को मरण दिन में बदल दिया।

शव लेने पहुंचे भाई:
याकूब मेमन के दोनों भाई सुलेमान और उस्मान नागपुर सेंट्रल जेल पहुंचे हैं।

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