22 स्थानों पर बनाए गए शौचालय

2 से ढाई लाख तक खर्च किया गया एक शौचालय पर

- बिना पानी अधर में ही प्रयोग हो रहे शौचालय, पसरी गंदगी

Meerut . स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में सफलता की कवायद में जुटे निगम ने शहर को गंदगीमुक्त बनाने के लिए प्रमुख बाजारों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय तो बना दिए, लेकिन ये शौचालय ही अब निगम के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं. हालत यह है कि शौचालय बने हुए एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन शौचालयों में पानी का कनेक्शन अभी तक नहीं मिल सका है. पानी के बिना ही शौचालयों का प्रयोग किया जा रहा है. इस कारण अधिकतर शौचालयों में गंदगी पसर चुकी है. नियमित सफाई के अभाव में शौचालयों की बदबू बाहर सड़क तक आती है. ऐसे में निगम की स्वच्छता सर्वेक्षण को खुद निगम के शौचालय ही पलीता लगा रहे हैं.

22 स्थानों पर बने शौचालय

इस योजना के तहत निगम शहर के अधिकतर सभी छोटे बड़े बाजारों में जनता की सुविधा के लिए 22 स्थानों पर यूरिनल और शौचालय बनाए गए हैं. शहर के बाजारों में लोगो की क्षमता से हिसाब से कम से कम एक व अधिक से अधिक दो यूरिनल बनाए जा रहे हैं. इनमें से प्रत्येक यूरिनल पर करीब 2 से 2.5 लाख तक खर्च किया गया है, लेकिन यूरिनल की छत तक पक्की बनाने के बजाए प्लास्टिक की शीट से कवर कर दिया गया.

होने लगी टूट-फूट

हालत यह है कि जनता की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय शुरु होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होना शुरु हो गए हैं. देखभाल ना होने के कारण असमाजिक तत्व शौचालयों में तोड़फोड़ कर टोटियां तक चोरी कर रहे हैं. जिस कारण से नए शौचालय एक माह में जर्जर होने लगे हैं.

निगम द्वारा तैयार कराए गए सभी शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर व सफाई कर्मचारियों की है. यदि कहीं शौचालय में सफाई नही हो रही है तो निरीक्षण कराकर कार्रवाई की जाएगी.

- गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

कोटस-

बाजार में शौचालय अभी पूरी तरह से चालू भी नही हो पाए हैं, पानी का कनेक्शन नही है जिस कारण से गंदगी लगातार बढ़ रही है. निगम के सफाई कर्मचारी नियमित रुप से देखभाल नही कर रहे हैं.

- अमित अग्रवाल, शारदा रोड व्यापार संघ महामंत्री

लाखों की लागत से शौचालयों को बनाया गया है कम से कम एक सफाई कर्मचारी की भी नियुक्ति एक बाजार में होनी चाहिए जो समय से शौचालयों की सफाई कर सके.

- जय प्रकाश, शारदा रोड व्यापारी

शौचालय तो बनवा दिए, लेकिन रखरखाव नही हो रहा है. गंदगी तो दूर शौचालयों का सामान भी चोरी होने लगा है. हम व्यापारी खुद ही निगरानी कर रहे हैं.

- विभोर जैन, व्यापारी