Meerut . नई फसल आने में देरी होने से टमाटर के दाम कम होने के बजाए लगातार बढ़ रहे हैं. गत सप्ताह तक 60 रुपए किलो तक सीमित टमाटर अब 80 तक पहुंच गया है. जानकारों की मानें तो जब तक नई फसल की आमद नही होगी टमाटर के दाम बढ़ते रहेंगे. अगले 15 से 20 दिन बाद टमाटर व प्याज के दाम में कमी आने की उम्मीद है.

मानसून की फसल का सहारा

मानसून के दौरान पहाड़ी टमाटरों की मेरठ समेत आसपास की मंडियों में सप्लाई की गई थी. इन टमाटर से ही अब तक काम चल रहा था लेकिन जैसे जैसे टमाटर कम होते जा रहे हैं दाम बढ़ रहा है. सर्दियां शुरु हो चुकी है लेकिन अक्टूबर माह तक आने वाली नई फसल की आमद मंडियों में शुरु नही हो सकी है.

15 नवंबर के बाद मिलेगी राहत

ग्वालियर और नासिक से आने वाली टमाटर की खेप 15 नवंबर तक मेरठ मंडी में पहुंचने की उम्मीद है. दिल्ली समेत कई अन्य मंडियों में आमद शुरु भी हो चुकी है ऐसे में नवंबर अंत तक ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है.

टमाटर का दाम - 60 से 80 रुपए किलो

नई फसल तैयार होकर आमद शुरु भी हो चुकी है लेकिन मंडी तक पहुंचने में देरी हो रही है. करीब 15 दिन के बाद नया टमाटर मंडी में पहुंचने पर दाम कुछ कम होंगे.

- अशोक प्रधान, सब्जी मंडी अध्यक्ष

टमाटर के दाम पूरे साल कम नही रहे हैं. बहाना चाहे जो भी हो लेकिन टमाटर के दाम जानबूझकर महंगा किया हुआ है.

- सुशील

टमाटर सबसे जरुरी की सब्जी है. इसके बिना सब्जियों में स्वाद नही आता इसलिए 100 रुपए किलो खरीदना भी ग्राहकों की मजबूरी है.

- संजय

आमजन के रसोई की जरुरी चीजों को लगातार मंहगा किया जा रहा है. टमाटर भी हर घर की जरुरत है. इसका दाम कम होना चाहिए.

- राहुल