समुद्री रास्‍ते से भागे यमन प्रेसीडेंट
यमन में हाऊती विद्रोहियों का आतंक बढ़ने के साथ ही यमन प्रेसीडेंट अब्‍द रब्‍बो मनसौर हदी राष्‍ट्रपति भवन छोडकर भाग गए हैं. सूत्रों के अनुसार यमन प्रेसीडेंट समुद्री रास्‍ते से बाहर निकले हैं. शिया विद्रोहियों ने यमन के प्रेसीडेंट के नाम पर ईनाम की घोषणा कर दी है और उनके अंतिम ठिकाने की ओर कूच कर दी है. वहीं सुन्‍नी समर्थक राष्‍ट्र सऊदी अरब ने हाऊती विद्रोहियों पर धावा बोल दिया है.

सऊदी अरब पहुंचे ट्यूनीशियन प्रेसीडेंट
वर्ष 2011 में ट्यूनीशियन प्रेसीडेंट जिने अल-अबिदाइन बेन अली को जैसे ही इस बात की खबर लगी कि उनके खिलाफ
प्रोटेस्‍ट शुरु हो चुके हैं. उनको किसी भी वक्‍त सत्ता से अपदस्‍थ किया जा सकता है और विद्रोही उन्‍हें और उनकी फेमिली को मौत के घाट उतार सकते हैं. तब उन्‍होंने आनन-फानन में ट्युनीशिया से भागकर सऊदी अरब में पनाह ली. बेन अली ने ट्यूनीशिया में 23 वर्षों तक लगातार शासन किया था.

बिल में जा छुपे सद्दाम हुसैन
ईराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन और अमेरिका के बीच हुए पहले खाड़ी युद्ध में अमेरिका ने ईराक में धावा नही बोला. लेकिन जब वर्ष 2003 में अमेरिका ने ईराक में एक नए खाड़ी युद्ध की शुरुआत की तो इस युद्ध का अंत सद्दाम हुसैन की सत्ता के अंत के रूप में हुआ. नाटो फोर्सेज के सामने ईराकी सेना के पैर उखड़ते देख सद्दाम हुसैन ने अपना आलीशान महल छोड़कर एक अत्‍यंत ही गुप्‍त बंकर में शरण ली.

जब भागे नवाज शरीफ
पाकिस्‍तान के वर्तमान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को वर्ष 1999 में तत्‍कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ द्वारा तख्‍तापलट के बाद लंदन भागना पड़ा था. इसके बाद शरीफ ने वर्ष 2007 तक लंदन में निवार्सित जीवन व्‍यतीत किया. लेकिन 2007 में पा‍क आम चुनाव के बाद परवेज मुशर्रफ को भी पाकिस्‍तान छोड़कर लंदन में रहना पड़ा. फिलहाल दोनों नेता पाकिस्‍तान में रह रहे हैं और मुशर्रफ पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है.

प्रेसीडेंट बिल्डिंग छोड़ भागे मोरसी
इजिप्‍ट के प्रेसीडेंट होस्‍नी मुबारक को अपदस्‍थ करके प्रेसीडेंट बने मोहम्‍मद मोरसी ने भी इजिप्‍ट की सत्ता का सुख ज्‍यादा दिन नहीं उठा पाया. उनके खिलाफ जनता में बढ़ते हुए गुस्‍से को देखते हुए मोहम्‍मद मोरसी को राष्‍ट्रपति भवन छोड़कर भागना पड़ा. रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब दस हजार भड़के हुए नागरिकों ने इजिप्‍ट के राष्‍ट्रपति भवन को घेर लिया जिन पर सुरक्षाबलों द्वारा आंसु गैस के गोले छोड़े गए. लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला. किसी भी अनहोनी की आशंका से प्रेसीडेंट मोरसी ने राष्‍ट्रपति भवन से भागने में भलाई समझी.

जब भागी कुवैती फेमिली
कुवैत की रॉयल फेमिली को भी अपना राजकाज छोड़कर भागना पड़ा था. यह बात 1990 की है जब सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर आक्रमण करके उस पर कब्‍जा कर लिया था. कुवैत पर ईराकी फौजों की एंट्री की खबर मिलते ही कुवैत की रॉयल फेमिली भाग निकली.

पाइप में जा छुपे गद्दाफी

वर्ष 2011 में नाटो सेनाओं द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद लीबिया के तानाशाह मुहम्‍मद गद्दाफी अपने पर्सनल सिक्‍योरिटी गार्ड्स के साथ भाग निकले. इसके बाद वह एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने की ओर भागते रहे. 20 अक्‍टूबर 2011 को जब गद्दाफी का कॉनवॉय सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भाग रहा था तभी नाटो फोर्सेज से कॉनवॉय पर बम गिराकर उसे तहस-नहस कर दिया. इसके तुरंत बाद गद्दाफी और उनके बॉडी गार्ड्स की एक लोकल मिलिशि‍या के साथ मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ के दौरान अपनी जान बचाने के लिए गद्दाफी एक पाइप में जा घुसे जिस पर ग्रेनेड गिरने से उनकी मौत हो गई.

और भाग गए यूक्रेन प्रेसीडेंट
यूक्रेन में गृह युद्ध के आसार द‍िखाई देते ही रूस समर्थक यूक्रेनियन प्रेसीडेंट विक्‍टर येनुकोव्‍योच भाग निकले. यूक्रेन में जारी प्रोटेस्‍ट में 100 लोगों के मारे जाने के बाद विक्‍टर येनुकोव्‍योच ने रूस में शरण ली.

भागकर कोलंबो पहुंचे मालदीव प्रेसीडेंट
मालदीव प्रेसीडेंट मोहम्‍मद नशीद ने सेना से बढ़ते गतिरोध के चलते इंडियन एंबेसी में शरण ली. इसके बाद तत्‍कालीन प्रेसीडेंट नशीद के परिवार ने कोलंबो में शरण ली. मालदीव के न्‍यायालय ने नशीद को आतंकवाद से जुड़े चार्जेज में 13 सालों की सजा दी है.

नाईजीरिया पहुंचे सूडान के प्रेसीडेंट
वर्ष 2013 में सूडान में जेनोसाइड के आरोपों को झेल रहे राष्‍ट्रपति उमर-अल-बशीर संभावित गिरफ्तारी की खबर मिलते ही नाईजीरिया भाग गए. इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नाइजीरियन सरकार को आदेश दिया कि तुरंत ही बशीर को अरेस्‍ट किया जाए. इसके बाद से सुरक्षित ठिकाने की तलाश में बशीर चाड, जिबुती और मालावी जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं.

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