- आईसीएसई बोर्ड में 99.24 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तराखंड टॉपर और देश में सेकंड पॉजीशन पर रही तमन्ना दहिया

- तमन्ना के लिए जर्नलिज्म पैशन, पॉलीटिक्स गोल, पॉलीटिक्स के जरिए मानसिकता बदलना चाहती हैं तमन्ना

DEHRADUN: आईसीएसई बोर्ड में 99.24 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तराखंड टॉपर और देश में सेकंड पॉजिशन पाने वाली तमन्ना की सोच आज के युवाओं से बिल्कुल अलग है. तमन्ना पॉलीटिक्स ज्वाइन कर सिस्टम को सुधारना चाहती हैं. तमन्ना का पहले से ही पॉलीटिकल इश्यूज पर डिबेट करने और पढ़ने में इंट्रेस्ट रहा है. जिसे वो आगे बढ़ाना चाहती हैं. हालांकि पॉलीटिक्स से पहले वे जर्नलिज्म भी करना चाहती हैं.

डिबेट में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले कर्नल कुलदीप दहिया की बड़ी बेटी तमन्ना आज उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. तमन्ना के परिवार में पिता कर्नल कुलदीप मां पूनम दहिया के अलावा छोटा भाई जयआदित्य सिंह हैं. तमन्ना बताती हैं कि 2010 में उन्होंने वेल्हम ग‌र्ल्स स्कूल में एडमिशन लिया. पहले से ही पैरेंट्स ने अपने इंट्रेस्ट के हिसाब से पढ़ाई चुनने को कहा. ऐसे में तमन्ना को पढ़ाई और अन्य एक्टिविटी के लिए पूरा मौका मिला. तमन्ना बताती हैं कि पढ़ाई का काम निपटाने के बाद वह डिबेट और स्पोर्ट्स एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करती थीं. तमन्ना को जहां स्कूल में मैगजीन एडिटर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली, वहीं उन्होंने देश के बाहर व‌र्ल्ड स्कॉलर कप जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया.

जर्नलिज्म पैशन, पॉलीटिक्स गोल

जहां आज युवाओं में बेस्ट इंजीनियर और डॉक्टर बनने की होड़ मची हुई है, वहीं इन सबसे अलग सोच रखने वाली तमन्ना अपने राईटिंग स्किल में विश्वास रखती हैं. तमन्ना ने हाल ही में क्लैट का एग्जाम दिया है. लेकिन अब उन्होंने फ्री लांसर जर्नलिज्म और पॉलीटिकल सांइस की पढ़ाई करने का मन बना लिया है. तमन्ना ने बताया कि जर्नलिज्म उनके लिए पैशन है, जबकि पॉलीटिक्स उनका गोल. उनका मानना है कि आज युवाओं को सोच बदलने की जरूरत है. जिससे देश में इन दिनों जो सीनेरिओ चल रहा है, उसे बदला जा सके. उनका कहना है कि सोच रिलीजन बेस नहीं, बल्कि वेल्फेयर पर आधारित होनी चाहिए और यही पॉलीटिक्स की सोच भी होनी चाहिए.

शशि थरुर, पीएम मोदी और बेनजीर भुट्टो से प्रभावित

तमन्ना को बुक्स और लिटरेचर पढ़ने का बहुत शौक है. जब भी उन्हें टाइम मिलता है वो किताबें पढ़ती हैं. जिसमें पॉलीटिकल टॉपिक पर ज्यादा फोकस करती हैं. तमन्ना शशि थरुर, पीएम नरेन्द्र मोदी और बेनजीर भुट्टो से काफी प्रभावित हैं. उन्होंने बताया कि हालांकि वे अभी किसी पार्टी का समर्थन नहीं करती पर आज जो राजनीति की दिशा है उसे बदलना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि आज लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत है.

दून की बारिश नहीं भूल पाएंगी

तमन्ना इन दिनों अंबाला कैंट में अपने परिवार के साथ रह रहीं हैं. लेकिन वे देहरादून के मौसम और यहां बिताए पल को बहुत मिस कर रही हैं. उन्होंने कहा कि दून में बिताए 8 साल वह कभी नहीं भूल पाएंगी. खासकर दून की बारिश में एंज्वॉय करने का पल. तमन्ना ने बताया कि वे एग्जाम के दिनों 8 से 10 घंटे पढ़ती थीं. तमन्ना का कहना है कि मेहनत कभी बेकार नहीं होती है, इसलिए जो भी करो दिल से करो, आपका नॉलेज ही आपके साथ रहेगा.