- बरसात में फिर से खस्ताहाल हुए शहर के सभी मुख्य मार्ग

- ट्रैफिक पुलिस की चिट्ठियां बेअसर, खामियाजा भुगत रहे मुसाफिर

लगभग दो महीने पहले बनकर तैयार हुई शहर की सड़कें कुछ दिनों की बरसात के बाद एक बार फिर खस्ताहाल हो चली हैं. कुछ दिन की राहत के बाद आम जनता फिर वही परेशानी झेल रही है जिसकी बीते वर्षो में वह आदी हो चुकी थी. शहर के मुख्य मार्गो पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं और विभागों ने इनकी मरम्मत के बजाए गिट्टी और बालू भरकर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ ली है. सड़क पर चलने की जगह कम तो हो ही गई, इनपर गिरकर हर दिन बाइक और साइकिल सवार चुटहिल भी हो रहे हैं.

इनके कान पर नहीं रेंगती जूं

2 सितंबर को वाराणसी आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठक के बाद देररात शहर में विकास कार्यो का निरीक्षण करने निकले. उन्हें भी कई जगह हिचकोले खाने पड़े. सीएम ने सड़कों के हालात पर काफी नाराजगी जताई थी और इन्हें जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया था. गुरुवार को सीएम दोबारा वाराणसी आ रहे हैं मगर शहर की सड़कों का हाल बद से बदतर होता जा रहा है. खास यह कि इनकी देखरेख के लिए जिम्मेदार विभागों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.

ट्रैफिक पुलिस ने जारी की थी गढ्डों की लिस्ट

शहर की सड़कों की बदहाली और जिम्मेदार विभागों की ढिलाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस की तरफ से शहर की सड़कों पर दुर्घटना का कारण बने दो दर्जन से ज्यादा गढ्डों की ट्रैफिक पुलिस ने बाकायदा लिस्ट जारी की. एसएसपी ने भी इस समस्या के निस्तारण के लिए कमिश्नर और डीएम को पत्र लिखा मगर विभागों ने सड़क की पैचिंग या मरम्मत तक की जहमत नहीं उठाई.

गिट्टी और मिट्टी से भर दिए गड्ढे

शहर में मलदहिया, सिगरा, रथयात्रा, रविंद्रपुरी, चेतमणि चौराहा, रेवड़ीतालाब, दशाश्वमेध आदि इलाकों में बरसात और रोड कटिंग से बने गढ्डों को कहीं गिट्टी तो कहीं मिट्टी डालकर भर दिया गया. सड़क समतल न होने से वाहनों की रफ्तार धीमी हुई तो तमाम बाइक सवार यहां घायल भी हो चुके हैं. मगर शहर को अब भी सड़कों की मरम्मत का इंतजार है.

बयान

ट्रैफिक व्यवस्था में लगातार दिक्कत पेश आ रही है और यह शहर की खराब सड़कों की वजह से है. विभागों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है. सड़कों पर गड्ढों के कारण अगर दुर्घटना हुई तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

आनंद कुलकर्णी, एसएसपी वाराणसी