लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना

नई सड़क से कम होगा ट्रैफिक लोड

एमडीए ने तैयार किया प्रोजेक्ट, दिल्ली रोड से हटेगा जाम

सेना से जमीन मिलते ही शुरू हो जाएगा निर्माण कार्य

MEERUT : सेना की ओर से ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेरठ विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर जैननगर-बागपत रोड लिंक सड़क के प्रोजेक्ट को तैयार कर लिया है। 900 मीटर लंबी और 12 मीटर चौड़ी इस सड़क की अनुमानित लागत 3 करोड़ रुपए है। शहर को जाम से बचाने के लिए गत दिनों डीएम अनिल ढींगरा ने सड़क निर्माण के लिए सेना को पत्र भेजा था। जनता की सुविधा को जोड़ते हुए डीएम ने रक्षा मंत्रालय से मांग की थी कि प्रस्तावित सड़क के लिए सेना अपनी जमीन दे दे। डीएम के पत्र को संज्ञान में लेकर सेना ने सड़क की निर्माण का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए थे।

किया था सामूहिक निरीक्षण

जाम से जूझ रहे दिल्ली रोड को निजात दिलाने के लिए गत 12 जुलाई को पुलिस, प्रशासन, एमडीए और सेना के अधिकारियों ने रेलवे रोड-बागपत रोड इलाकों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में यह पाया गया था कि यदि मिलिट्री बिल्डिंग लाइन से जैन नगर की ओर सेना की जमीन मिल जाए तो बागपत रोड-दिल्ली रोड को जाम से निजात दिलाई जा सकती है। मौके पर 20 मीटर चौड़ी जगह उपलब्ध है। उसमें से मात्र 12 मीटर चौड़ी जगह मिल जाए तो रेलवे रोड से बागपत रोड को लिंक रोड से आसानी से जोड़ा जा सकेगा।

एमडीए ने तैयार किया प्रस्ताव

सेना के सकारात्मक रुख के बाद डीएम ने एमडीए को एक बार फिर प्रोजेक्ट की डिटेल्ड रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर सचिव राजकुमार ने 900 मीटर लंबी सड़क की विस्तृत कार्ययोजना इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तैयार करा ली है। सचिव ने बताया कि इस योजना की लागत करीब 3 करोड़ रुपये है और यह 9 मीटर चौड़ी सड़क होगी। 3 मीटर में सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाया जाएगा।

इनसेट

रंग लाई कवायद

गौरतलब है कि डीएम अनिल ढींगरा ने इसके लिए रक्षा मंत्रालय के सचिव, सेना के एडम कमांडेंट और मेरठ मंडल के कमिश्नर को पत्र भेजा था। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार का हवाला देते हुए डीएम ने सेना की अवशेष भूमि में से 12 मीटर चौड़ी जगह उपलब्ध कराने की मांग की थी। रक्षा मंत्रालय यदि यह जमीन उपलब्ध करा देती है तो शहर की एक बड़ी समस्या से निजात मिल सकती है। शहर के लोगों को रेलवे स्टेशन आना-जाना आसान हो जाएगा।