-हर चौराहे पर जाम की अलग-अलग वजह

-नए एसपी ट्रैफिक ने चौपुला पर लगाया पीए सिस्टम

क्चन्क्त्रश्वढ्ढरुरुङ्घ: शहर के प्रमुख चौराहे लंबे समय से जाम से हांफ रहे हैं. चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगी हैं लेकिन सिस्टम मैनुअल ही चलता है. किसी चौराहे पर जाम की वजह हैवी व्हीकल हैं तो किसी चौराहे पर आटो-टैंपो, हर चौराहे की अलग-अलग वजह हैं, लेकिन खामियाजा पब्लिक को ही जाम में फंसकर उठाना पड़ता है. स्टॉफ की कमी और होमगार्ड के सहारे ट्रैफिक चलाना भी समस्या का समाधान न होना एक वजह है. बरेली में नए एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार ने ज्वाइन भी कर लिया है. शहर के ट्रैफिक को सुधारने की उनके पास बड़ी चुनौती है. ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ मीटिंग कर कुछ निर्देश देकर ट्रैफिक सिस्टम सुधारने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं, लेकिन ट्रैफिक सिस्टम में सुधार इतना आसान नहीं है. आइए बताते हैं कि कौन-कौन मेन चौराहे रोजाना जाम से जूझते हैं और यहां क्या-क्या सुधार होने चाहिए---

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चौपुला चौराहा, यहां जाम तो लगना ही है

सबसे पहले चौपुला चौराहा की बात करते हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा जाम यहीं ही लगता है. जबकि यह चौराहा ट्रैफिक पुलिस और एसपी ट्रैफिक के ऑफिस से सटा हुआ है. चौपुला चौराहा पर रोटरी भी बनी है और रेड लाइट भी लगी हैं, लेकिन दोनों ही काम नहीं आती हैं. रेड लाइट अधिकतर समय खराब रहती है और रोटरी पर खड़े होकर ट्रैफिक चला नहीं सकते. क्योंकि यहां आईलैंड ही नहीं बना है.

जाम की प्रमुख वजह

-रामपुर, दिल्ली, नैनीताल और बदायूं समेत तीन रोड का ट्रैफिक एक रोड पर आकर बॉटल नेक में फंस जाता है

-बदायूं की ओर जाने वाला ट्रैफिक चौपुला पुल पर चढ़ता है, लेकिन चढ़ने में दिक्कत होती है

-अयूब खां, चौकी चौराहा और बिहारीपुर और जंक्शन रोड का ट्रैफिक भी यहीं पर आता है.

-दोपहर के वक्त रेलवे गोदाम जाने के लिए ट्रकों की एंट्री शुरू हो जाती है, लेकिन ट्रक मुड़ने में दिक्कत होती है

-दोपहर में ही स्कूली बसें भी यहां से गुजरती हैं, बसों को भी मोड़ते वक्त जाम लगता है

-रात में नो एंट्री खुलने से ट्रक इकट्ठा हो जाते हैं और एक बार जाम लगने से घंटों जाम लग जाता है.

-सिटी स्टेशन की ओर से आने वाले रास्ते संकरे हैं और इसके साथ ही ऑटो-टैंपो भी खड़े हो जाते हैं.

सॉल्यूशन

-बदायूं की ओर जाने वाला ट्रैफिक लाल फाटक से होकर ही जाए, तो दबाव कम हो

-पुलिस लाइंस की ओर से आने वाला ट्रैफिक ओवरब्रिज के जरिए सीधे सिटी स्टेशन के पास जाकर उतरे

-चौपुला पुल का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि चौराहा पर ट्रैफिक का दबाव न पड़े

-ट्रैफिक सिग्नल को चलाया जाए और इसकी टाइमिंग सही कर इसका कड़ाई से पालन कराया जाए

-रोटरी को छोटा किया जाए और आईलैंड बनाया जाए ताकि मैनुअली ट्रैफिक चल सके

-चौराहे पर खड़े होने वाले ऑटो-टैंपो को हटाया जाए,

ट्रैफिक की ड्यूटी

-1 टीएसआई, 1 एचसीपी, 2 कॉन्स्टेबल, 12 होमगार्ड

सेटेलाइट चौराहा

सैटेलाइट चौराहा भी शहर का अहम चौराहा है, क्योंकि यहां से पीलीभीत, बीसलपुर, शाहजहांपुर और बदायूं की ओर का ट्रैफिक गुजरता है. हैवी व्हीकल भी यहां से गुजरते हैं. बस अड्डा होने के चलते ऑटो, टैंपो, पिकअप व अन्य वाहनों का भी दबाव रहता है. इसी वजह से यहां अक्सर जाम लगता है. यहां शाहजहांपुर की ओर से शहर को ओर जाने वाले रूट पर, शहर से पीलीभीत रोड और पीलीभीत से शाहजहांपुर की ओर सर्विस लेन डेढ़ वर्ष से प्रस्तावित है, लेकिन बनाया नहीं जा रहा.

जाम की प्रमुख वजह

-चौराहा के चारो ओर रोड पर ही खड़े होकर ऑटो-टैंपो और पिक में सवारियां भरी जाती हैं

-ट्रैफिक सिग्नल लगा है, लेकिन कभी चलता है तो कभी नहीं चलता है

-रोटरी काफी चौड़ी है, जिसकी वजह से न तो सिग्नल दिखता है और न ही ट्रैफिक जवान

-चौराहा के चारों ओर ठेले, दुकानों व रेहड़ी वालों का अतिक्रमण है

-रोडवेज की बसें भी चौराहा पर ही खड़े होकर सवारियां उतारती हैं

सॉल्यूशन

-चौराहा से ऑटो-टैंपो को पूरी तरह से हटाया जाए

-इन छोटे वाहनों को खड़ा करने के लिए स्टैंड बनाया जाए

-रोटरी को छोटा किया जाए, ताकि सिग्नल दिखायी दे

-रोडवेज बसों को सवारियां रोड पर न भरने दिया जाए

-चौराहा के आसपास का अतिक्रमण हटाया जाए

-यहां जो प्रस्तावित सर्विस लेन हैं, उन्हें तुरंत बनवाया जाए

ट्रैफिक ड्यूटी

2 एचसीपी, 4 कॉन्स्टेबल, 8 होमगार्ड

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अयूब खां से नावल्टी चौक

इन दोनो चौराहों को एक साथ इसलिए ले रहे हैं. क्योंकि इन दोनों चौराहों पर साथ ही जाम लगता है. क्योंकि यह शहर का मेन सिविल लाइंस एरिया कवर करते हैं. इस चौराहा से रोजाना शहर पुलिस के मुखिया निकलते हैं. जिला अस्पताल का रास्ता भी यहीं से होकर जाता है लेकिन इसके बावजूद यहां कोई सुधार नहीं हो रहा है

जाम की प्रमुख वजह

-अयूब खां चौराहा की रोटरी काफी चौड़ी है

-रेड लाइट लगी हैं, लेकिन कभी चली नहीं

-चौराहा पर ही पेट्रोल पंप भी असली वजह

-दोनों चौराहों के बीच में सड़क पर ही फोर व्हीलर खड़े होते हैं

-दोपहर में स्कूल की छुट्टी के वक्त रोड पर बेतरतीब वाहन खड़े होते हैं

-रोडवेज बसों की वजह से भी जाम लगता है

-दोपहर में डेयरी से निकलने वाली भैंसे भी जाम का कारण

सॉल्यूशन

-अयूब खां चौराहा की रोटरी को चौड़ा किया जाए

-रेड लाइट को प्रॉपर तरीके से चलाया जाए

-स्कूलों की छुट्टी के वक्त वाहनों को सही खड़ा किया जाए

-रोड किनारे खड़े होने वाले फोर व्हीलर को हटाया जाए

-रोडवेज बस को नॉवेल्टी चौक पर खड़े होकर सवारी न भरनी दी जाए

-शहर के अंदर से डेयरी को हटाया जाए

ट्रैफिक ड्यूटी

1 एचसीपी, 2 कॉन्स्टेबल, 6 होमगार्ड

श्यामगंज चौराहा

-श्यामगंज चौराहा पर ओवरब्रिज तो बन गया है लेकिन जाम की समस्या अभी भी बनी हुई है. यहां जाम कालीबाड़ी और सेटेलाइट की ओर जाने वाले रास्ते पर ही लगता है. यहां जाम की सबसे बड़ी वजह ऑटो और ई-रिक्शा है. ऑटो-ई-रिक्शा रोड पर ही खड़े होकर सवारी भरते हैं, जिसकी वजह से जाम लग जाता है. आजाद इंटर कॉलेज के पास फलों के ठेले सड़क पर लगने से भी जाम लगता है.

सॉल्यूशन

-यहां ऑटो व ई-रिक्शा को चौराहा से दूर एक लेन में खड़ा कराया जाए

-रोड पर खड़े होने वाले ठेलों को हटाया जाए

-दुकानदारों का भी अतिक्रमण चौराहा से हटाया जाए

ट्रैफिक ड्यूटी

1-एचसीपी, 1 कॉन्स्टेबल, 4 होमगार्ड

-फीगर स्पीक

-70 प्वाइंट पर ड्यूटी

-1 एएसपी

-1 डीएसपी

-2 टीआई

-2 टीएसआई

-15 एचसीपी

-52 कॉन्स्टेबल

-113 होमगार्ड

-50 पीआरडी जवान

एसपी ट्रैफिक के प्रमुख निर्देश

-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के साथ पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम की भी ली जाएगी मदद

-सभी चौराहों से 50 मीटर दूर एक लेन में खड़े होकर ऑटो-टैंपो सवारी भरेंगे

-जाम के समय के वक्त एक्स्ट्रा ड्यूटी लगाकर सॉल्यूशन निकालें