क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी में आटो वालों की मनमानी से लोग परेशान हैं. लेकिन रांची स्टेशन के बाहर ये लोग रेल पुलिस और जीआरपी पर भी भारी पड़ रहे हैं. यही वजह है कि ये लोग जहां मर्जी ऑटो खड़ा देते हैं लेकिन कोई झांकने तक नहीं आता. इस वजह से स्टेशन के बाहर पैसेंजर्स को तो परेशानी होती है. वहीं स्टेशन रोड से गुजरने वालों के सामने बड़ी समस्या हो जाती है. इस झंझट से बचने के लिए लोग अपना रूट भी डायवर्ट कर ले रहे हैं. इसके बावजूद इन ऑटो चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जबकि नो पार्किग में गाड़ी खड़ी करने पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. इसके बावजूद खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

नो पार्किग में सैकड़ों ऑटो

स्टेशन के बाहर गाडि़यों की पार्किग के लिए जगह तय है. इसके बावजूद ऑटो वाले गाडि़यां रोड पर नो पार्किग में ही लगा देते हैं. इतना ही नहीं, नो पार्किग के अलावा ये लोग बीच रोड में ही गाड़ी खड़ी कर पैसेंजर्स बिठाते हैं. इससे स्टेशन रोड जाम हो जाता है. वहीं पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

जाम के साथ गंदगी भी

जहां-तहां ऑटो के खड़े रहने से जाम तो लगता ही है. वहीं दूसरी ओर ऑटो की आड़ में गंदगी भी फैल रही है. नो पार्किग में खड़ी गाडि़यों की आड़ लेकर कुछ लोग खुले में पेशाब भी कर गंदगी भी फैला रहे हैं. इससे पास से गुजरने वालों को अपनी सांस भी रोकनी पड़ती है.

अभियान चलाकर सो जाते हैं जवान

रेल पुलिस के जवान के सामने ही बेतरतीब आटो लगने से जाम लगता है. इसके बावजूद न तो आरपीएफ वाले कुछ करते है और न ही जीआरपी. जबकि जीआरपी का आफिस फूड प्लाजा के बगल में रोड पर ही है. अधिकारियों के विजिट पर एक-दो बार आरपीएफ जवान अभियान चलाकर ऑटो हटाते हैं. इसके बाद उन्हें भी ऑटोवालों से कोई लेना-देना नहीं होता.