-लगातार लेट चल रही ट्रेनों को राइट टाइम करने के लिए संचालन का समय बढ़ाया गया था

- फिर भी, एक भी ट्रेन नहीं चल पा रही राइट टाइम

BAREILLY:

नॉर्दर्न रेलवे मुरादाबाद डिवीजन ने लम्बे समय से लेट चल रही ट्रेनों का टाइमिंग शेड्यूल 12 जुलाई व 1 अगस्त से चेंज कर राइट टाइम पर करने का प्रयास किया था. ताकि, नए टाइम टेबल के आधार पर ट्रेनों का संचालन कर रेल यात्रियों को लेटलतीफी की समस्या से राहत दी जा सके. ट्रेनों के संचालन टाइमिंग के परिवर्तन के अलावा और भी कई सारी योजनाएं रेलवे अधिकरियों ने बनाए थे. जिसका असर भी कुछ दिनों तक दिखा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया ट्रेनों एक बार फिर ट्रैक से भटक गई हैं, और 5-5 घंटे तक ट्रेनें लेट चल रही है. लिहाजा, ट्रेनों की इंतजार करने का सिलसिला एक बार फिर यात्रियों के लिए शुरू हो गया है.

कुछ दिन बाद ही बेपटरी हो गई ट्रेनें

दूर-दराज से बन कर आने वाली ट्रेनें ही नहीं बल्कि, बरेली जंक्शन से बनकर चलने वाली ट्रेनें भी 5-6 घंटे तक निर्धारित समय से लेट चल रही है. सबसे बुरा हाला आला हजरत एक्सप्रेस की है. जो कि महीने में एक-दो दिन ही राइट टाइम चलती है. बाकी दिन उसके आने-जाने का कोई टाइम फिक्स नहीं है. सुबह 6 बजे बरेली जंक्शन से निकलने की जगह कभी-कभी यह ट्रेन बरेली जंक्शन से दोपहर 1 या 2 बजे भुज के लिए रवाना होता है. इसी तरह बाकी ट्रेनों का भी हाल है.

पिछले सर्दी से चल रही ट्रेनें लेट

जबकि, पिछली सर्दी से ही कोहरे और ट्रैक मेंटिनेंस के चलते 20-से 26 घंटे तक लेट चलने वाली ट्रेनों को राइट टाइम करने के लिए रेलवे ने ट्रेनों के संचालन ही चेंज कर दिया था. ताकि, ट्रेनें जिस समय पर चल रही थी मैक्सिमम ट्रेनों का समय लगभग वही कर दिया गया. जिससे यात्रियों को यह न लगे कि ट्रेनें घंटे लेट चल रही हैं. लिहाजा, नॉर्दर्न रेलवे ने लगभग 93 ट्रेनों का समय बदल दिया. बरेली से बनकर या बरेली से होकर जाने वाली ट्रेनों के समय में 20 से 45 मिनट का बदलाव रेलवे ने किया था.

ट्रेनों की लेटलतीफी रोकने का यह भी था प्लान

समय की बचत - समय की बचत के लिए ट्रेनों की सफाई का समय कम करने, कम समय से पानी भरने की सलाह.

ड्यूटी टाइम पर - ट्रेन रुकते ही गार्ड व चालक को बदलने की व्यवस्था करने के आदेश दिए गए है.

एक्स्ट्रा कर्मचारी की ड्यूटी - फाल्ट को ठीक करने के लिए सभी प्रमुख स्टेशनों पर रात में भी सुपरवाइजर स्तर केअतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे.

बरेली से बनकर चलने वाली ट्रेनों पर एक नजर

ट्रेन - पहले - बदला समय - घंटे चल रही लेट

प्रयाग बरेली एक्सप्रेस - 10.55 - 11.40 - 1-2

वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस - 14.20 - 15.05 - 2-3

त्रिवेणी एक्सप्रेस - 12.40 - 13.00 - 1

नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी - 21.50 - 22.10 - 30 मिनट - 1

भुज बरेली वाया अहमदाबाद - 20.35 - 21.20 - 4-5

भुज बरेली वाया गांधीधाम - 20.30 - 21.20 - 3-4

इंदौर-बरेली एक्सप्रेस - 15.30 - 15.50 - 1-2

ट्रेनों की टाइमिंग में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है. जहां पर स्टॉपेज नहीं हैं वहां भी ट्रेन रोक दी जा रही है. कभी-कभी तो आउटर पर ही ट्रेनों को 1 से 2 घंटे तक रोक दिया जाता है.

अनूप, यात्री

सिर्फ टाइमिंग बदलने भर से कुछ नहीं हो सकता. रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को उस पर अमल भी करना चाहिए. मेरा अक्सर प्रयाग बरेली एक्सप्रेस से आना-जाना रहता है. कभी टाइम पर नहीं रहती है.

त्रिविद, यात्री

रेलवे लाइन के एसेट बेहद पुराने हो चुके हैं, जिसे सुधारे जाने का काम चल रहा है. क्योंकि जो भी एसेट हैं वह कैपेसिटी से ज्यादा चल चुके हैं. ऐसे में हादसों को रोके जाने के लिए मरम्मत जरूरी है. जिसके बाद ट्रेनें अपने आप राइट टाइम हो जाएंगी. सीनियर डीओएम