- एसजीपीजीआई प्रशासन कर रहा तैयारी

- मैनेजमेंट के लिए बनाई गई 8 सदस्यीय कमेटी

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LUCKNOW:

संजय गांधी पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में 15 जुलाई से मरीजों की भर्ती शुरू हो सकती है. पीजीआई प्रशासन तेजी से इस दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए निदेशक में आठ सदस्यीय मैनेजमेंट कमेटी गठित की है, लेकिन केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर से इतर पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ ट्रॉमा और एक्सीडेंटल मरीजों को ही भर्ती कर इलाज दिया जाएगा.

60 बेड से होगी शुरुआत

पीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की शुरुआत 60 बेड के साथ की जाएगी. फिर चरणबद्ध तरीके से बेड्स की संख्या बढ़ाई जाएगी. डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि यह पूरी तरह से ट्रॉमा सेंटर ही होगा. यानी यहां पर मेडिसिन या अन्य समस्याओं के मरीज भर्ती नहीं होंगे. एक्सीडेंट या अन्य दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को ही भर्ती कर इलाज दिया जाएगा. मेडिसिन वाले मरीजों के लिए इमरजेंसी मेडिसिन विभाग अलग से बनाया जा रहा है.

पीजीआई की दरों पर इलाज

प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में इलाज के शुल्क की दरें पीजीआई की दरों पर ही होंगी. इसका मतलब है कि केजीएमयू के ट्रॉमा की अपेक्षा पीजीआई में इलाज का खर्च करीब दो गुना होगा. बीपीएल मरीजों को ही नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था होगी. जबकि डेस्टीट्यूट मरीजों को पहले 24 घंटे ही इलाज नि:शुल्क होगा.

सीएमएस को मिला चार्ज

पीजीआई ट्रॉमा को पहले प्रो. राजकुमार चलाने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन वह हाल में यूपी मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई के वीसी बन गए. उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी सएमएस डॉ. अमित अग्रवाल को दी है. साथ ही एक आठ सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है. यह कमेटी पीजीआई के निदेशक को रिपेार्ट करेगी.

फैकल्टी और डॉक्टर्स की चयन

प्रो. राकेश कपूर ने बताया ने बताया कि ट्रॉमा के संचालन के लिए फैकल्टी और डॉक्टर्स का चयन कर लिया गया है. जिनके अगले एक माह के अंदर ज्वाइन करने की उम्मीद है. कुछ मशीने इंस्टाल होनी है यह भी व्यवस्था एक माह में कर ली जाएगी. गौरतलब है कि इससे पहले डेढ़ वर्ष पहले पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ किया था और यहां पर करीब 800 मरीजों की सर्जरी भी की गई थी. लेकिन बाद में सरकार बदलने पर यह ट्रॉमा सेंटर वापस पीजीआई को दे दिया गया. तब से यहां पर इलाज की सुविधा पूरी तरह से बंद थी. अब एक बार इसे वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दोबारा शुरू कराने की तैयारी है.