- दिवाली तक शहर को ट्रांसफर स्टेशन देने की कोशिश

- अब शहर में कहीं भी नहीं दिखेगा कूड़ा

बरेली-

नगर निगम ने अब शहर को चमकाने की एक ठोस कवायद शुरू कर दी है. नगर निगम बरेलियंस को दिवाली तक एक नया तोहफा देने जा रहा है. दिवाली तक शहर के हर जोन में स्मार्ट डलावघर बनेंगे जिन्हे हम ट्रांसफर स्टेशन के नाम से जानेंगे. हर वार्ड के डलावघरों को बंद कर दिया जाएगा. सभी ट्रांसफर स्टेशन अंडर ग्राउंड बनाए जाएंगे जिससे कूड़ा बहार ना आ सके. इनकी खास बात यह होगी कि इन ट्रांसफर स्टेशनों में कॉम्पैक्टर लगे होगें. जो कूड़े का वाल्यूम कम कर देंगे. जिससे चार गाडि़यों का कूड़ा सिर्फ दो गाडि़यों में ही आ सके और उसे ले जाने में आसानी हो सके.

बंद हो जाएंगे पुराने डलावघर

अभी तक हर वार्ड में कई सारे डलावघर बने हुए है. जहां आसपास के लोग और नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा डालते हैं, लेकिन अब स्मार्ट डलावघर बनने के बाद शहर में बने हुए सभी पुराने डलावघरों को बंद कर दिया जाएगा. उनकी जगहों पर पार्किंग या अन्य कोई चीज बनाई जाएगी. जिससे उस जगह का यूज किया जा सके. और वह जगह लोगों के काम में आ सके.

लगा होगा कॉम्पैक्टर

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के हर जोन में एक सबसे बड़े डलावघर को सेलेक्ट किया जाएगा. उसे ही वहां का स्मार्ट डलावघर बनाया जाएगा. स्मार्ट डलावघर को अंडर ग्राउंड बनाया जाएगा. इतना ही नहीं उन डलावघरों में कॉम्पैक्टर लगे होंगे. जो कूड़े को दबाकर उसके वॉल्यूम को कम कर देंगे. जिससे उसे आसानी से बाकरगंज तक ले जाया जा सके.

हर वार्ड में खड़ी होगी कूड़ा गाड़ी

जब सभी डलावघर बंद हो जाएंगे उसके बाद हर वार्ड में एक कूड़ा गाड़ी को खड़ा कर दिया जाएगा. जिसमें गलियों और मोहल्लों से कूड़ा लाकर उस गाड़ी में डाला जाएगा. कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना के तहत हर घर से रिक्शों से कूड़ा उठाएंगे और वार्ड में खड़ी गाड़ी तक ले जाएंगे. जब गाड़ी कचरे से भर जाएगी तो उसे ट्रांसफर स्टेशन यानी स्मार्ट डलावघर तक ले जाया जाएगा.

ये होंगे फायदे

डीजल का खर्चा बचेगा

स्मार्ट डलावघर बनने से नगर निगम का सबसे अहम खर्चा बच जाएगा. अभी तक नगर निगम अपनी गाडि़यों को चलाने के लिए जो डीजल खर्च करता था. उसका खर्चा भी अब आधा हो जाएगा. क्योंकि अभी तक कूड़ा डालने के लिए गाड़ी को 4 चक्कर लगाने पड़ते थे वह अब सिर्फ दो चक्करों में ही पूरा हो जाएगा. क्योंकि जब कूड़े का वाल्यूम कम हो जाएगा तो एक गाड़ी में कूड़ा आने की क्षमता भी बड़ जाएगी.

बचेगा समय और मैन पावर

स्मार्ट डलावघर बनने से नगर निगम का समय भी काफी बच जाएगा अभी तक नगर निगम के कर्मचारियों को कूड़ा डालने के लिए पूरे दिन मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन आने वाले समय में ऐसा नहीं होगा. वार्ड में ही गाड़ी खड़ी रहेगी तो कर्मचारियों को भी बार-बार कूड़ा भरने में मेहनत नहीं करनी होगी. साथ ही अभी जो कूड़ा उठाने के बाद हर डलावघर की सफाई करनी होती थी उससे भी निजात मिलेगी. कुल मिलाकर अब मैन पावर और समय दोनों बचेंगे.

बरेलियंस को मिलेगी पार्किंग

अब बरेलियंस को हर वार्ड में पार्किग की भी सुविधा मिलेगी जिससे लोगों को ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी. क्योकि जो भी डलावघर बंद होगें उनकी जगह पार्किग बना दी जाएगी.

फैक्ट्स एंड फिगर

कुल सफाईकर्मी - 1950

सफाई नायक - 25

सफाई इंस्पेक्टर -7

कुल गाडि़यां - 166

कुल डस्टबिन -300

शहर में डलावघर -45

मासिक डीजल खर्च -35 लाख रुपए

चारों जोनों में एक-एक ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा. जिसमें कॉम्पैक्टर लगे होंगे. पुराने सभी डलावघरों को बंद कर दिया जाएगा.

राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त