-तीन साल पूरा कर चुके पुलिस कर्मचारियों के होंगे तबादले

-32 दरोगा और छह से अधिक इंस्पेक्टर का हो चुका है ट्रांसफर

GORAKHPUR: लोकसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के पहले तीन साल से जमे अधिकारियों-कर्मचारियों को हटाने की आपाधापी गोरखपुर में मची है. पुलिस महकमे में एक जगह पर दो साल पूरा कर चुके कर्मचारियों की लिस्ट भी बनाई जा रही है. जोन, रेंज और जिला स्तर पर होने वाले ट्रांसफर के चक्कर में रूटीन वर्क प्रभावित होने लगा है. तबादलों से प्रभावित पुलिस कर्मचारी बिना सूची जारी हुए दूसरी जगह जाने की तैयारी में हैं. दूसरी जगहों से आने वाले पुलिस कर्मचारियों की आमद नहीं कराई जा सकी है. आने और जाने के चक्कर में पुलिस कर्मचारियों पर आलस्य चढ़ने लगा है. यहां तक कि जब जाना ही है तो किसी तरह से दो-चार दिन काट लिए जाएं. पुलिस अफसरों का कहना है कि तबादले की लिस्ट बनाई जा रही है. 20 फरवरी तक इसे फाइनल कर ि1लया जाएगा.

क्या है चुनाव आयोग का आदेश

इलेक्शन कमीशन के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने पत्र जारी किया था. सभी जिला पुलिस प्रमुखों को संबोधित पत्र में कहा कि ऐसे पुलिस कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया जाए जो दो साल से एक जिले में तैनात रहे हों. अथवा पिछले चुनाव में भी उसी जिले में रहे हों. ऐसे अधिकारियों की तैनाती जिले में करने के बजाय दूसरी जगह पर भेजा जाए. तीन साल लगातार या फिर पिछले विधान सभा चुनाव में उसी जिले, क्षेत्र में तैनात रहे लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. छह इंस्पेक्टर सहित 23 दरोगाओं की तबादला लिस्ट जारी हो चुकी है.

चुनाव पर न पड़े असर, इसलिए करें इधर-उधर

इलेक्शन कमीशन का मानना है कि एक ही जगह पर लंबे समय से तैनात पुलिस कर्मचारी चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं. निष्पक्ष चुनाव कराने के नजरिए से इलेक्शन कमीशन ऐसे कर्मचारियों को हटाने की कवायद में जुटा है. तबादलों से संबंधित पूरी रिपोर्ट 28 फरवरी तक पुलिस मुख्यालय तक भेजनी है.

इस तरह का कामकाज हो रहा प्रभावित

-ट्रांसफर की जद में आने वाले पुलिस कर्मचारी नई जगह तैनाती की राह देख रहे हैं.

-जल्द ट्रांसफर होने के चक्कर में पुलिस कर्मचारियों का रूटीन के कामों में मन नहीं लग रहा.

-दूसरी जगह जाने के चक्कर में पुलिस कर्मचारी अपनी तैयारी में लगे हुए हैं. ज्यादातर समय जुगाड़ लगाने में गुजर रहा.

-ट्रांसफर के फेर में किसी तरह से एक-दो दिन काटने की बात कहकर पुलिस कर्मचारी जैसे-तैसे काम चला रहे.

इन कामों की होती जिम्मेदारी

- अपराधों की रोकथाम, मुकदमों की विवेचना

- क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी

- अदालत से संबंधित कार्रवाई को पूरा कराने की जिम्मेदारी

- क्षेत्र में गश्त, पुलिस पिकेट सहित अन्य भ्रमण कार्य

- मुकदमों की विवेचना, अभियुक्तों की गिरफ्तारी से संबंधित वर्क

- सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के प्रबंध करना

वर्जन

चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस कर्मचारियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है. 15 फरवरी तक इसे पूरा कर लिया जाएगा. पुलिस कर्मचारियों की रवानगी के साथ-साथ आमद भी होगी. इसके बाद जरूरत के हिसाब से पुलिस कर्मचारियों की थानों†ा-चौकियों पर पोस्टिंग कर दी जाएगी.

डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी