- एनएच लोनिवि ने बाईपास निर्माण का कार्य किया शुरू

- करीब पांच सौ करोड़ की लागत से बनेगा बाईपास, बदरीनाथ की दूरी दो किमी होगी कम

RUDRAPRAYAG: बीते चार दशक से बदरीनाथ हाईवे पर नासूर बने सिरोबगड़ स्लाइडिंग जोन का ट्रीटमेंट शुरू हो गया है. एनएच लोनिवि ने यहां पर बाईपास निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है. करीब पांच सौ करोड़ से बनने वाले इस बाईपास मार्ग पर तीन पुल के साथ ही तीन किमी सड़क का निर्माण होगा. इस मार्ग के बनने से बदरीनाथ की दूरी भी लगभग दो किमी कम हो जाएगी.

यात्रियों को होती है परेशानी

श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ स्लाइ¨डग जोन पिछले चार दशक से नासूर बना हुआ है. बरसात के समय अक्सर मलबा आने से यहां पर हाईवे बंद हो जाता है. जिससे बदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा पर आए यात्रियों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात के समय यहां से आवाजाही करना खतरे खाली नहीं था. पूर्व में यहां कई वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ ही लोग घायल भी हुए हैं. तत्कालीन निर्माणदायी संस्था सीमा सड़क संगठन की ओर से स्लाइ¨डग जोन को रोकने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी. इसके बाद सरकार की ओर से यहां पर सुरंग बनाने के लिए सर्वे कराया गया, लेकिन फिर भी धरातल पर कोई नतीजा नहीं निकला. शासन की ओर से सिरोबगड़ में स्लाइ¨डग जोन की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाईपास योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया. जिसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया. केन्द्र सरकार की ओर से उक्त प्रस्ताव को ऑलवेदर रोड में शामिल कर बाईपास योजना को स्वीकृति दी गई.

भूमि का किया अधिग्रहण

जिला प्रशासन की ओर से बाईपास योजना में आने वाली समस्त भूमि को अधिग्रहण कर लिया है. प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है. प्रशासन की अनुमति के बाद लोनिवि एनएच की संबंधित निर्माणदायी कंपनी की ओर से सिरोबगड़ बाईपास योजना पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. सिरोबगड़ से लगभग एक किमी पहले श्रीनगर की ओर से अलकनंदा नदी पर पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसके बाद पपड़ासू से 12 मीटर चौड़ी ऑलवेदर रोड के तहत तीन किमी सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा. यहां से पुल के माध्यम से इस मार्ग को हाईवे से ¨लक किया जाएगा. खांकरा गदेरे पर पुल निर्माण कर नौगांव को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ा जाएगा. इस बाईपास मार्ग बनने से जहां सिरोबगड़ सक्रिय स्लाइ¨डग जोन से निजात मिलेगी, वहीं बदरीनाथ हाईवे की दूरी दो किमी कम हो जाएगी.

सिरोबगड़ बाईपास योजना के तहत आने वाली भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है. प्रभावितों को मुआवजे का वितरण किया जा रहा है. प्रशासन की अनुमति के बाद संबंधित निर्माणदायी कंपनी द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.

- तीर्थपाल सिंह, एडीएम