सेंट्रल मार्केट के कॉम्पलेक्स पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा होते ही बिफर पड़े व्यापारी

बाजार की आंशिक बंदी कर जताया विरोध, अधीक्षण अभियंता का घेराव कर किया हंगामा

Meerut. शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में एक बार फिर आवास-विकास के ध्वस्तीकरण नोटिस ने बवाल खड़ा कर दिया. बुधवार को सेंट्रल मार्केट के एक कॉम्पलेक्स पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा होते ही गुरुवार सुबह से ही व्यापारियों ने एकजुट होकर मार्केट बंद करा दिया. नोटिस के विरोध में व्यापारियों ने आवास-विकास के एसई का घेराव कर जमकर हंगामा किया और नोटिस वापस लेने के लिए ज्ञापन देकर मांग की. इस दौरान व्यापारियों और अधीक्षण अभियंता के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई.

नोटिस का मामला

दरअसल, बुधवार को आवास-विकास द्वारा शास्त्रीनगर सेक्टर दो स्थित गुप्ता कॉम्पलेक्स के अनाधिकृत निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किया गया था. इस नोटिस के विरोध में व्यापारियों ने गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक आंशिक रुप से बाजार बंद कर दिया. साथ ही व्यापारियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवास-विकास कार्यालय में अधीक्षण अभियंता एसपी एन सिंह का घेराव किया.

प्रमाण पत्र की जांच

अधीक्षण अभियंता का घेराव कर व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आवास-विकास द्वारा ही कॉम्पलेक्स का नक्शा स्वीकृत किया गया था. नक्शा पास होने के बाद ही व्यवसायिक जगह पर भवन का निर्माण हुआ. अब अचानक से यह भवन कैसे अवैध घोषित कर दिया गया. व्यापारियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र की बात को गलत बताते हुए कहा कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर अन्य संपत्तियों पर निर्माण किया गया है. यह संपत्ति खुद बाबू लाल गुप्ता को सीधे एलॉट की गई है.

30 साल बाद

आवास-विकास की योजना संख्या सात के शास्त्रीनगर सेक्टर 2 में करीब 30 साल पहले गुप्ता कॉम्पलेक्स का निर्माण किया गया था. इस कॉम्पलेक्स में एक बैंक समेत करीब तीन दर्जन से अधिक दुकानें बनी हुई हैं. आरोप है कि इस कॉम्पलेक्स के मालिक बाबू लाल गुप्ता ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर इस जमीन पर दो मंजिला मार्केट का निर्माण बिना नक्शे के कर दिया. जबकि यह जमीन केवल ओबीसी कैटेगरी के आवंटी को एलॉट की गई थी.

जिस जगह कॉम्पलेक्स बना है, वह व्यवसायिक जगह है. कॉम्पलेक्स का निर्माण 30 साल पहले आवास-विकास से नक्शा पास कराकर किया गया था. अब अचानक से अवैध निर्माण बताकर ध्वस्तीकरण का नोटिस देकर आवास- विकास द्वारा व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है.

विनोद अरोड़ा, महामंत्री, सेंट्रल मार्केट एसोसिएशन

व्यापारियों की मांग के अनुसार पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि नक्शे के अनुसार निर्माण हुआ है तो ध्वस्तीकरण नहीं होगा.

एसपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता