मिलेगा certificate
कैंप को दो स्लॉट में ऑर्गनाइज किया जाएगा. पहला कैम्प 10 से 19 मई और दूसरा कैम्प 21 से 30 मई तक चलेगा. डेली दो घंटे की ट्रेनिंग में मैक्सिमम 20 पार्टिसिपेंट्स को इनरॉल किया जाएगा. 10 दिनों की ट्रेनिंग कम्प्लीट करने के बाद पार्टिसिपेंट्स को टीएसएएफ की ओर से सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.


मिला था अच्छा रिस्पांस
टीएसएएफ के दीपांकर बनर्जी कहते हैं कि यूथ में एडवेंचर के प्रति अट्रैक्शन देखने को मिल रहा है. यही कारण है कि टीएसएएफ ने जाड़े में पहली बार विंटर कैम्प ऑर्गनाइज किया था, जिसका अच्छा रिस्पांस मिला. अब समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है और उम्मीद है कि इसमें भी यूथ का बेहतर पार्टिसिपेशन देखने को मिलेगा.


किया है बेहतर परफॉर्म
बचपन से ही बच्चों में एडवेंचर के प्रति अट्रैक्शन होता है. उनमें इसे जानने की जिज्ञासा भी होती है और रॉक क्लाइंबिंग इनमें से एक है. इसे के मद्देनजर टीएसएएफ द्वारा वॉल क्लाइंबिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी. जेआरडी टाटा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स स्थित स्पोट्र्स क्लाइंबिंग वॉल के पास ट्रेनिंग होगी. दीपांकर बनर्जी कहते हैं कि सिटी से कई लोगों ने माउंटेनियरिंग में बेहतर परफॉर्म किया है. इनमें अरुणिमा सिन्हा, बिनीता सोरेन, प्रेमलता अग्रवाल जैसी हर एज ग्र्रुप की महिलाएं हैं. इन्हें देखकर बच्चों में भी उनके जैसा बनने व करने की जिज्ञासा हो रही है. इसके मद्देनजर ही इस फस्र्ट समर कैम्प के जरिए बच्चों को पहली सीढ़ी के रूप में क्लाइंबिंग स्पोट्र्स की ट्रेनिंग प्रोवाइड करायी जा रही है.


पहली बार organise कर रहा camp
इस साल फस्र्ट टीएसएएफ द्वारा भी समर कैम्प की तैयारी की गई है. टीएसएएफ द्वारा इस साल यूथ को एडवेंचर की ट्रेनिंग प्रोवाइड करायी जाएगी, ताकि वे एडवेंचरस स्पोट्र्स की ओर अट्रैक्ट हो सकें. समर कैम्प में तो विभिन्न तरह के स्पोट्र्स होते हैं, लेकिन इस कैम्प में बच्चों को थ्रील का अहसास होगा और वे एडवेंचरस स्पोट्र्स के प्रति अट्रैक्ट हो सकेंगे.


इस कैम्प में छह साल से लेकर 18 साल तक के बच्चे पार्टिसिपेट कर सकेंगे. इसका मकसद बच्चों को एडवेंचर स्पोट्र्स के प्रति अट्रैक्ट करना है. सिटी में इसका बेहतर रिस्पांस भी मिल रहा है.

-दीपांकर बनर्जी, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन

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