- सिकंदरा पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा

- रुनकता शादी में दुल्हन के पिता के हाथों से छीना था बैग

- पुलिस को एक बदमाश से लगा सुराग, मामला खुला

आगरा। अगर आपके घर में शादी है और कैश के बैग की जिम्मेदारी भी आपके पास है तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि कोई आप पर नजर रखे हुए है। थाना सिकंदरा पुलिस ने ऐसे ही शातिर गैंग के सदस्यों को पकड़ा है जो शादी समारोह में रिश्तेदारों की तरह शामिल होते थे और जिसके हाथ में बैग होता था, उस पर नजर रखते थे। शादी में जरा सी नींद की झपकी आने पर बैग पार कर दिया जाता था। पुलिस ने इसके पास से कैश, दो तमंचे, कारतूस और मोबाइल बरामद किए हैं।

इस तरह करते हैं वारदात

इस गैंग का काम करने का तरीका ऐसा है कि किसी की पकड़ में न आ सके। सबसे पहले शातिर ये पता करते हैं कि किसके घर में शादी है और कैश बैग की जिम्मेदारी किसके पास है। इसके बाद सीधे शोरूम पर जाकर उसी दिन ब्रांडेड कपड़े खरीदते हैं। सूट-बूट पहन कर तैयार हो जाते हैं। बाराती और घराती की भीड़ में शामिल हो जाते हैं।

शादी में पूरा करते हैं एन्जॉय

इतना ही नहीं, शातिर शादी में जाते ही शातिर लोगों से बातचीत करने लगते हैं। खुद को दोनों में से एक पक्ष का बता कर लोगों को विश्वास में ले लेते हैं। खाना खाकर डीजे पर डांस भी करते हैं। इनमें से एक शातिर उसे व्यक्ति पर नजर रखता है जिसके हाथ में कैश का बैग होता है और आधी रात होने का इंतजार करते हैं। जैसे ही बैग रखने वाले को नींद आने लगती है, वही सही मौका बैग छीनने का होता है। झपकी लगते ही शातिर बैग लेकर फुर्र हो जाते हैं।

दो शातिर लगे पुलिस के हाथ

इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा अनुज कुमार के मुताबिक पकड़े गए शातिरों के नाम आकाश पुत्र जंगजीत निवासी चमरौली, ताजगंज व मनीष उर्फ मंगे निवासी कौलक्खा, ताजगंज बताए गए हैं। इनके दो साथी फरार चल रहे हैं। फरार शातिरों के नाम मांगे पुत्र एदल निवासी कौलक्खा, ताजगंज व कृष्ण कांत निवासी बसई नबाव, धौलपुर, सुबोध जैन सुनार निवासी कश्मीरी बाजार कोतवाली बताए गए हैं।

रुनकता में की थी वारदात

पुलिस के मुताबिक 8 मार्च को ताजगंज के गुतला निवासी धीरज सिंह के भतीजों की शादी रुनकता के गांव खड़वाई निवासी लाखन सिंह की बेटियों से थी। धीरज सिंह के हाथ में कैश का बैग था। बैग में कैश के अलावा ज्वैलरी भी थी। तीन शातिर शादी में नए कपड़े पहन कर शामिल हो गए।

खाना खाया, डांस किया

शातिर सूट-बूट पहन कर आए थे। वह महमानों के बीच घुल-मिल गए। किसी ने उन पर इतना गौर नहीं किया, चूंकि भीड़ भी ठीक-ठाक थी। शादी में आकाश, मांगे और कृष्ण कांत आए थे। आकाश धीरज सिंह के पास बैग पर निगाह बनाए हुआ था। वह धीरज सिंह के आगे-पीछे चल रहा था।

झपकी लगते ही बैग ले उड़े

रात में धीरज सिंह को नींद आने लगी। वह एक कमरे में जाकर लेट गए। उसी दौरान आकाश ने कृष्ण कांत को इशारा कर दिया। कृष्ण कांत ने कमरे में जाकर बैग खींच लिया, लेकिन लाखन सिंह की आंख खुल गई। तब तक शातिर बैग छीन चुका था। भागने के लिए पहले ही लाल रंग की बाइक बाहर तैयार थी। बाइक पर मांगे साथियों का इंतजार कर रहा था। दोनों बाइक पर बैठ कर भाग निकले। लाखन सिंह ने शोर मचा दिया, लेकिन तब तक शातिर भाग निकले।

पनवारी के रास्ते से पकड़ा

शातिरों को थाना सिकंदरा और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से पकड़ा है। टीम को सूचना मिली थी कि पनवारी के रास्ते पर शातिर हैं। वहीं से पुलिस ने इनको पकड़ लिया। शातिरों ने पुलिस को बताया कि बैग में एक लाख 40 हजार रुपये थे। जेवरात, मंगे और मांगे को दे दिए। जेवरात सुनार सुबोध को बेच दिए। पुलिस के मुताबिक आकाश मार्बल डिजायन का काम करता है व मनीष प्राइवेट नौकरी करता है।

इतना माल किया बरामद

55000 रुपये

2 तमंचे

4 कारतूस

1 मोबाइल

पकड़ने वाली टीम

इंस्पेक्टर- अनुज कुमार थाना सिकंदरा

एसआई- नीरज कुमार, अतुल कुमार, सोनू सिंह

हैड कॉस्टेबल- परमेश

कांस्टेबल- आशुतोष, गिरिराज, अमित, तहसीन, प्रदीप