-किसान व एग्री साइंटिस्ट इजरायल व ताइवान के पाली हाउस की विजिट करेंगे

-कल्यानपुर स्थित शाक भाजी सेंटर में एक्सीलेंस सेंटर डेवलप किया जा रहा

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यन्हृक्कक्त्र: चन्द्रशेखर आजाद एग्रीकल्चर एण्ड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एग्री साइंटिस्ट अब खीरा, टमाटर, शिमला मिर्च के साथ ब्रोकली की न्यू वैरायटी पर रिसर्च वर्क करेंगे. ऑफ सीजन पैदा की जाने वाली इन वैरायटी पर अक्तूबर से काम शुरू कर दिया जाएगा. सब्जी के डेवलपमेंट के लिए 6 पॉली हाउस डेवलप किए जा रहे हैं. जिसमें तीन पाली हाउस नये डेवलप किए जाएंगे और तीन पुराने पाली हाउस को रेनोवेट किया जाएगा. शाक भाजी एक्सीलेंस सेंटर के लिए 50 लाख रुपए का बजट रिलीज कर दिया गया है.

50 लाख का बजट मिला

शाक भाजी एक्सीलेंस सेंटर के कोआर्डिनेटर प्रो. डीपी सिंह ने बताया कि स्टेट गवर्नमेंट ने शाक भाजी के रिसर्च वर्क के लिए 6.99 करोड़ का एक्सीलेंस सेंटर डेवलप करने के लिए 50 लाख की राशि स्वीकृत कर दी है. वहीं गेहूं के एक्सीलेंस सेंटर को डेवलप करने के लिए 50 लाख की राशि स्वीकृत कर दी गई है. गेहूं का एक्सीलेंस सेंटर नवाबंगज फार्म हाउस में डेवलप किया जाएगा. गेहूं का सेंटर 6.97 करोड़ से डेवलप किया जाएगा. इस सेंटर का कोआर्डिनेटर डायरेक्टर रिसर्च प्रो. एचजी प्रकाश को बनाया गया है.

ताइवान सब्जी का सबसे बड़ा सेंटर

कल्यानपुर के शाक भाजी अनुसंधान केन्द्र में ही एक्सीलेंस सेंटर डेवलप किया जा रहा है. सबसे अहम बात यह होगी कि सेंटर मे ऑफ सीजन वाली सब्जी डेवलप करने की दिशा में काम किया जाएगा. सब्जी में प्राथमिकता टमाटर, शिमला मिर्च, ब्रोकली, खीरा व मटर जैसी सब्जियों की नई वैरायटी डेवलप करने की दिशा में काम किया जाएगा. यही नहीं अब किसानों व सब्जी की फील्ड में काम करने वाले एग्री साइंटिस्टों का डेलीगेशन इजरायल व ताइवान की विजिट पर जाएंगे. व‌र्ल्ड मे ताइवान सब्जी का सबसे बड़ा सेंटर है. इजरायल में पाली हाउस में सब्जियों की वैरायटी पर अच्छा काम किया जा रहा है.