- आईआईटीयन भाई चीख-चीखकर बोल रहा मेरे बहनों की हत्या हुई

- दोनों बहनों की डूबने से मौत पर भाई ने लगाया हत्या का आरोप

PATNA : एक साथ दो बहनों की मौत ने एक आईआईटीयन को तोड़ दिया है. घटना, हादसा और हत्या के बीच उलझ कर रह गई है. जिस बहन ने दुकान चलाकर उसे आईआईटीयन बनाया उसकी चिता को आग देकर भाई की भी जीने की इच्छा मर रही है. वह बहन के हत्यारों को जेल भेजवाकर सुकून पाना चाहता है लेकिन पुलिस की बेरुखी उसके न्याय की आस को तोड़ रही है. थाना से लेकर एसएसपी मनु महाराज से फरियाद करने वाला राहुल का विश्वास पुलिसिया सिस्टम से उठने लगा है. हिम्मत हार चुके राहुल को आकांक्षा ने मानसिक रूप से मजबूत किया तो वह न्याय के लिए दौड़ रहा है.

ससुराल वाले मांग रहे थे 10 लाख

राहुल कुमार नवादा के कादिरगंज का रहने वाला है और आईआईटी धनबाद से एमटेक कर रहा है. राहुल का कहना है कि उसकी बहन प्रियंका कुमारी की शादी 10 जून 2014 को पटना के सालीमपुर थाना एरिया के विहटा गांव में रवि कुमार उर्फ संजीव के साथ हुई थी. शादी में चार लाख रुपए नकद और आभूषण के साथ कई सामान दिए गए थे. 10 लाख रुपए से अधिक दहेज देने के बाद भी ससुराल वाले खुश नहीं थे और बार-बार पैसे की डिमांड कर रहे थे. ससुराल वालों ने मिलकर 10 लाख रुपए की डिमांड की जिसे वह पूरा नहीं कर पाए क्योंकि उनकी स्थिति इतनी बड़ी रकम देने लायक नहीं थी. राहुल का कहना है कि उसके बहनोई के भांजे की शादी थी और इसमें शामिल होने के लिए उसकी छोटी बहन रानी कुमारी भी गई थी. 29 अप्रैल को शादी खत्म होने के बाद भी बहनोई ने बहाना कर उसे रोक लिया. राहुल का कहना है कि वह शादी से वापस आ गया और धनबाद चला गया. दोनों बहनों से बात हुई तो सब कुछ सामान्य था लेकिन दो घंटे बाद ही दोनों की एक साथ डूब जाने की खबर ने उसे झकझोर दिया.

ऐसे खड़ा हुआ बड़ा सवाल

राहुल का कहना है कि 1 मई को शादी के बाद लोग गंगा नदी पर रस्म पूरा करने गए थे. आरोप है कि इस दौरान दोनों बहनों की हत्या कर नदी में फेंक दिया गया. दोनों की लाश 3 मई को बरामद हुई तो कई सवाल खड़े हो गए. काफी दौड़ धूप के बाद 18 मई को मुकदमा भी दर्ज हो गया लेकिन न तो गिरफ्तारी हुई और न ही इसके लिए कोई प्रयास किया गया. आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मनमानी की गई है पुलिस भी ध्यान नहीं दे रही है. वह पुलिस की कार्यप्रणाली से पूरी तरह से टूट गया और न्याय की उम्मीद भी टूटने लगी. मामले की जानकारी जब पीडि़तों की लड़ाई लड़ने वाली संस्कृति फाउंडेशन की प्रेसीडेंट आकांक्षा को हुई तो वह राहुल की हिम्मत बढ़ाई और न्याय के लिए उसके साथ लग गई.

एसएसपी से न्याय की गुहार

आकांक्षा ने राहुल की पीड़ा एसएसपी मनु महाराज तक पहुंचाई. न्याय की मांग करते हुए पीडि़त भाई ने उच्चाधिकारियों से बिसरा जांच की मांग की है. राहुल का कहना है कि तीन दिन बाद उसकी दोनों बहनों की लाश मिली जिसे देखकर साफ हत्या लग रहा है. एक आंख खुली और एक आंख बंद थी. बाल सिर से गायब था. शरीर पर जख्म थे और मुंह से ब्‍लड आ रहा था. ऐसे में सवाल ये है कि डूबने से मौत पर यह सब कैसे हो गया. अफसरों के सामने राहुल की आंख भर जाती है जब वह अपनी छोटी बहन रानी कुमारी के दुकान चलाकर उसे आईआईटीएन बनाने की बात करता है. रानी पढ़ाई में भी तेज थी और उसकी मौत के बाद जब बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट 65 प्रतिशत आया तो घर वालों का जख्म फिर हरा हो गया. राहुल ने पुलिस मुख्यालय के साथ पटना एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.