चार टेक एक्‍सपर्ट मिलकर चला रहे थे फ्रॉड गैंग 

दिल्ली (पीटीआई) पुलिस ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के एक फ्रॉड गैंग के दो मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया है कि इन दोनो पर आरोप है कि उन्होंने देश या विदेश की किसी भी यूनिवर्सिटीज में डॉक्‍टरी की पढ़ाई करने के इच्‍छुक लोगों को मेडिकल सीट दिलवाने के लिए तमाम लोगों को ठगा है। पुलिस के मुताबिक यह लोग खुद को डॉक्टर बताते थे और कहते थे कि नई दिल्ली में उनका एक हॉस्पिटल है। लोगों के साथ ठगी के ही क्रम में उन्होंने एक महिला के साथ 81 लाख रुपए की ठगी की। इस तरह से यह दोनों मेडिकल सीट दिलाने का एक बड़ा और भारी भरकम रैकेट चला रहे थे।

दुनिया में कहीं से भी डॉक्‍टरी की पढ़ाई कराने के नाम पर कर रहे थे फर्जीवाड़ा 

पुलिस के मुताबिक संतोष कुमार राय (43 साल) और मनोज कुमार पाठक (49 साल) को एक महिला की शिकायत के आधार पर हमने गिरफ्तार किया। यह दोनों अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर तमाम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। इन पर आरोप है कि उन्होंने देश और दुनिया की तमाम यूनिवर्सिटीज में डॉक्टर बनने की पढ़ाई करने की इच्छुक लोगों को सीट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगे हैं। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि कर्नाटक, दिल्ली और मुंबई में अब तक इन लोगों पर तकरीबन 16 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए हैं। ये सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स फर्जी सर्टिफिकेट के नाम पर खुद को डॉक्टर बताते थे और खुद को नई दिल्ली में हॉस्पिटल का मालिक दिखाते थे। इन लोगों ने एक पूरा गैंग बनाया हुआ था जोकि मेडिकल पीजी एडमिशन के लिए सेंट्रल कोटा दिलाने के नाम पर हजारों लोगों को बल्क में मैसेज भेजते थे ताकि उनमें से कुछ लोगों को फंसाया जा सके।

खुद को बताते थे दिल्‍ली के एक बड़े हॉस्पिटल का मालिक

जब लोग इनसे सवाल जवाब करते थे या मुलाकात करते थे तो ये खुद को एक डॉक्टर के तौर पर रिप्रेजेंट करते थे ताकि लोगों का भरोसा इन पर कायम रह सके। एडमिशन प्रोसेस का हिस्सा बताकर ये लोग एप्लीकेंट्स को फर्जी एप्लीकेशन फॉर्म भेजते थे। डॉक्टरीकी पढ़ाई करने की इच्छुक लोगों द्वारा फॉर्म भरने की बेसिक फीस जमा होने के बाद उन लोगों को एक फर्जी ईमेल भेजी जाती थी, जो मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की फर्जी ईमेल से भेजी जाती थी। इस फर्जी मेल में लिखा होता था कि आपकी सीट कंफर्म हो गई है। इसके बाद वह एडमिशन के इच्छुक लोगों से एडमिशन फीस समेत तमाम फीस लेते थे। अपने फर्जीवाड़े के इस तरीके से यह लोग काफी समय से फ्रॉड कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने हैदराबाद की रहने वाली एक महिला को डॉक्टरी की पढ़ाई में एडमिशन दिलाने का झांसा दिया और उससे कई बार में टोटल 81 लाख रुपए वसूले। जब महिला को अंदाजा हुआ कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है तो उसने साइबर क्राइम के तौर पर पुलिस में केस दर्ज कराया। महिला के मुताबिक संतोष कुमार और मनोज कुमार उसके साथ इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद अब उसका फोन भी अटेंड नहीं कर रहे हैं। फिलहाल ये दोनों धोखेबाज पुलिस की गिरफ्त में हैं और पुलिस इनके बाकी दो साथियों को तलाशने की कोशिश कर रही है। 

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