लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के आशियाना कॉलोनी में बुधवार रात्रि भड़की आग

लाखों का सामान धू-धूकर जला, बेघर हो गए खानाबदोशों का पलायन हुआ शुरू

Meerut. कल चमन था आज ये सहरा हुआ, देखते ही देखते ही यह क्या हुआ? कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार सुबह लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के आशियाना कॉलोनी का था. बुधवार देर रात्रि 3 बजे रिहायश के बीच बसी इस स्लम कॉलोनी की 2 हजार झुग्गी-झोपडि़यां भीषण आग में जलकर खाक हो गई.

फैलती गई आग

झुग्गी-झोपडि़यों में रखे रसोई गैस के करीब 22 सिलेंडर तेज धमाके के साथ फटे.

वहीं कुछ घरों को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया. एक मकान की छत पर रखी पानी की टंकी जल गई तो कई मकानों की दीवारें आग से दरक गई.

बस्ती प्रमुख ने प्रशासनिक अफसरों को बताया कि करीब 25 लाख का कबाड़ भीषण अग्निकांड में जलकर खाक हो गया.

ऐसे किया कंट्रोल

दमकल की 15 गाडि़यों ने करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत

हापुड़, मुजफ्फनगर, गाजियाबाद और आर्मी से भी एक-एक दमकल बुलाई गई.

आसपास के लोगों ने अपने सबमर्सिबल चलाकर भी आग बुझाने में सहयोग किया.

प्रभारी सीएफओ मुकेश ने बताया कि आग के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था.

प्रशासनिक अफसर पहुंचे

भीषण आग की सूचना पर एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह समेत पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे.

लोगों ने की सेवा

रात को आशियाने के साथ सोए करीब 2000 परिवारों के सिर से सुबह साया छिन गया तो आसपास के लोगों ने महिलाओं और बच्चों को खाना खिलाया.

वसूलते थे किराया

पुलिस ने बताया कि करीब 20 वीघा जमीन के मालिकान इद्दू पुत्र सद्दीक, शाह आलम पुत्र सफीक निवासी-बनी सराय और इस्लामाबाद निवासी हाजी वसीम हैं. सभी झुग्गी-झोपड़ी का प्रतिमाह 500 से 800 रुपये किराया वसूलते थे.

पुलिस-प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना किया है. आग के कारणों की तलाश की जा रही है. जिला प्रशासन नुकसान का आंकलन करा रहा है. लगातार हो रही अग्निकांड के मद्देनजर अब इस भूमि में स्लम को विकसित नहीं होने दिया जाएगा.

मुकेश चंद्र, एडीएम सिटी, मेरठ