नर्इ दिल्ली (आर्इएएनएस )। दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में गिनी जाने वाली गूगल इन दिनों सवालों के घेरे में है। हाल ही में से बड़ी संख्या में स्मार्टफोन में यूआईडीएआई नाम से एक हेल्पलाइन नंबर 1800-300-1947  आैर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 आॅटो सेव होने की जिम्मेदारी उसने ली थी।

नंबर सेव पर गूगल की सफार्इ सवालों के घेरे में

गूगल ने आॅटो सेव नंबर मामले में सफार्इ देते हुए कहा था कि 2014 में एंड्रॉयड फोनों के ‘सेटअप विजार्ड’ में यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर अनजाने में लोड हुआ था। इस पर माफी मांगते हुए उसने यह भी कहा था कि भविष्य में एेसा नही होगा लेकिन उसकी सफार्इ गले नहीं उतर रही है।

2014 में कैसे सेटअप विजार्ड ने डाल दिया

गूगल जिस 112 हेल्पलाइन नंबर को  2014 में जोड़ने की बात कह रहा है उस समय तो यह नंबर जारी भी नहीं हुआ था। टेलीकाॅम रेगुलेटरी अथाॅरिटी आॅफ इंडिया (ट्राई) ने पहली बार इस नंबर की सिफारिश अप्रैल, 2015 में की थी। एेसे में आखिर उसने यह नंबर 2014 में कैसे अपने सेटअप विजार्ड ने डाल दिया था?  

सिक्योरिटी से जुड़ी रोचक बातें सामने आर्इ

गूगल की सफार्इ सवालों के घेरे में है। इसके अलावा इस मामले के सामने आने के बाद भी आखिर गूगल सही जानकारी क्यों नहीं दे रहा है। वहीं इस पूरे मामले में फ्रेंच सिक्योरिटी एक्सपर्ट इलियट एल्डरसन का कहना है कि गूगल के सेटअप विजार्ड की जांच में सिक्योरिटी से जुड़ी कर्इ रोचक बातें सामने आर्इ हैं।

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