कभी नरम तो कभी मौसम का तेवर गर्म

बारिश में कुछ दिन का गैप लोगों की ले रहा परीक्षा

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ALLAHABAD: अबकी बार मानसून भले ही झूम कर बरस रहा हो. लेकिन बारिश के साथ ही भारी उमस ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. दिन में कुछ देर के लिए घर से बाहर निकलते ही लोग पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं. हाल यह है कि बारिश ने लोगों को जितनी राहत दी है, उतना ही हल्की धूप लोगों की परीक्षा ले रही है. इससे अच्छी खासी बेचैनी का एनवायरमेंट भी डेवलप हो गया है. करेंट वेदर कंडीशन बीमारी का भी एक बड़ा कारण बन गई है.

उमस भरी गर्मी से लोग परेशान

जी हां, अप्रैल, मई और जून की तगड़ी गर्म झेलने वाले लोगों को जुलाई से बहुत ज्यादा उम्मीदें थी. लोगों की उम्मीदों पर जुलाई का महीना पूरी तरह से खरा उतरा. आषाढ़ में बारिश ने ऐसी एंट्री मारी कि सुहानी बारिश ने कई बार मौसम को खुशनुमा बनाया. ऐसे में लोगों ने कई दफे सुहावने मौसम का भले ही मजा लिया. लेकिन उमस भरी गर्माहट ने लोगों का अभी भी पीछा नहीं छोड़ा है. थोड़ी धूप ही लोगों को हलकान करने के लिए काफी है. नम मौसम और धूप के मेल से उमस भरी गर्मी का ऐसा माहौल क्रिएट हो रहा है. जिससे निजात पाने में लोगों के पसीने छूट जा रहे हैं.

शाम की बारिश ने जगाई उम्मीदें

बहरहाल, आषाढ़ के खत्म होने के बाद अब सावन की शुरुआत हो चुकी है. सावन और भादो से लोगों को हमेशा ही जोरदार बारिश की उम्मीदें रही हैं. यह उम्मीद बेमानी भी नहीं लगती. दिनभर की अच्छी खासी गर्माहट के बाद सैटरडे शाम को बारिश ने पूरे रौं में दस्तक दी. संडे को भी आसमान में बादल उमड़ घुमड़ करते रहे. जिससे गर्मी कुछ नार्मल हो सकी. भारत मौसम विज्ञान विभाग की माने तो अबकी सावन और भादो अच्छी बरसात के दिनों में गिने जाएंगे. अगले कुछ दिनो में बारिश इतनी होगी कि लोगों को इससे ऊब महसूस होने लगेगी. इससे उमस भरी गर्माहट से भी लोगों को धीरे धीरे निजात मिलेगी.

बारिश से ब्रेक नार्मल प्रॉसेस

इस बावत इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के एक्स. एचओडी प्रो. बीएन मिश्रा कहते हैं कि बीच बीच में बारिश से ब्रेक नार्मल प्रॉसेस है. लेकिन इसमें लम्बा गैप नहीं आने वाला. पूरे देश में मानसून इतना तगड़ा है कि हर ओर बरसात ही बरसात होनी है. ऐसे में गंगा और यमुना भी तेजी से उफना सकती है. उन्होंने कहा कि इस मौसम में लोगों को विशेष रुप से सतर्क रहने की जरुरत है. क्योंकि इसे बीमारी वाला मौसम भी कहा जाता है. खानपान में चूक सर्दी, खांसी और बुखार का बड़ा कारण है. करेंट में हर दूसरा आदमी इसकी चपेट में है.

अब ज्यादा नहीं चढ़ेगा पारा

उधर, बात टेम्परेचर की करें तो मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस एवं रात्रि का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें बहुत अधिक इजाफा होने की उम्मीद नहीं है. वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी पिछले दस सालों का रिकार्ड देखें तो साफ है कि जुलाई के अंतिम दस दिन अच्छी खासी बारिश वाले रहे हैं.