छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : जमशेदपुर में पहला अंडरग्राउंड वाटर टनल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. स्वर्णरेखा बहुद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत खरकई नदी के दाएं मुख्य केनाल के तहत बन रहे इस टनल पर करीब 163 करोड़ रुपये खर्च होने के अनुमान हैं. शुक्रवार को नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक शरद झा एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुंचे. जहां उनका स्वागत जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड सिद्धार्थ शंकर ने किया.

आईआईटी मुंबई का सहयोग

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक शरद झा ने बताया कि सुंदरनगर में बन रहे अंडरग्राउंड टनल की कुल लंबाई 1880 मीटर है. जिसमें से 1440 मीटर टनल का निर्माण हो चुका है. इसके निर्माण पर अब तक 130 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. बचे हुए 440 मीटर टनल का निर्माण दिसंबर 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह अंडरग्राउंड टनल का यांत्रिकी डिजाइन आइआइटी मुंबई के सहयोग से किया गया है.

1,54,802 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा

स्वर्णरेखा परियोजना के पूर्ण होने पर 1,54,802 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि सिंचित किया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि बचे हुए कार्यो के लिए नाबार्ड ने कुल 1,892 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत किया है. जिसमें से 518 करोड़ झारखंड सरकार का तथा 1,374 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के हिस्से का है. राज्य सरकार के हिस्से की लोन की रकम 518 करोड़ रुपये का वितरण कर दिया है.

देश के 85 परियोजनाओं पर हो रहा काम

शुक्रवार को वे खरकाई नदी गजिया बराज, सुंदरनगर अंडरग्राउंड वाटर टनल समेत अन्य स्थानों का निरीक्षण किया. 2016-17 में बड़े स्तर का वर्षो से लंबित अपूर्ण परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एलटीआइएफ यानि लांग टर्म इरीगेशन फंड का सृजन किया गया था. पूरे देश में 85 परियोजना को एलटीआइएफ फंड के लिए चयन किया गया था. जिसमें झारखंड से स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना भी शामिल है.