डेवलपमेंट

नहीं आएगा बिजली बिल, बंद होगा जेनरेटर का शोर

सोलर प्लांट से यूनिवर्सिटी बचाएगी 4 करोड़

- सीसीएसयू में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू

- ग्रीन एनर्जी कैंपस बनाने की है यूनिवर्सिटी की तैयारी

Meerut. सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस जल्द ही सोलर ऊर्जा युक्त होगा. कहा जा रहा है कि सोलर प्लांट से यूनिवर्सिटी में चार करोड़ से अधिक की बचत होगी. यही नहीं, इससे सीसीएस यूनिवर्सिटी यूपी की पहली सोलरयुक्त यूनिवर्सिटी बनेगी.

साढ़े चार करोड़ का खर्च

सीसीएस यूनिवर्सिटी में अभी तक सालाना बिजली का खर्च साढ़े चार करोड़ के आसपास है. इनमें ढ़ाई करोड़ रुपए तो जनरेटर के डीजल खर्च का है. बाकी का खर्च विभिन्न विद्युत उपकरणों व लाइट आदि की बिजली व्यवस्था में व्यय होते थे.

14 सौ किलोवाट का प्रोजेक्ट

ग्रीन एनर्जी पर आधारित कैंपस बनाने के लिए यूनिवर्सिटी में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है. यूनिवर्सिटी में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है. यूनिवर्सिटी तपोवन के पीछे जेल बाउंड्री के पास इस प्रोजेक्ट को लगाने की योजना है. 1400 किलोवाट के इस प्रोजेक्ट से पूरा यूनिवर्सिटी सोलर एनर्जी से रोशन हो जाएगा. इससे यूनिवर्सिटी के सभी विभागों में लगे बल्ब, पंखे सहित यूनिवर्सिटी की विद्युत व्यवस्था शामिल है.

चल रहा है प्रजेंटेशन

इस प्लांट का खर्च यूनिवर्सिटी करेगा. इस प्रोजेक्ट के शुरु होने के बाद यूनिवर्सिटी की जनेरेटर पर निर्भरता खत्म होगी. योजना के तहत यूनिवर्सिटी कैंपस में लगी लाइटों को भी बदला जाएगा. पुराने बल्ब व ट्यूब लाइट की जगह नए एलईडी बल्ब का प्रयोग किया जाएगा.

इसके लिए कंपनियों का प्रेजेंटेशन चल रहा है, जल्द ही प्रोजेक्ट शुरु हो जाएगा. उम्मीद है कि नए साल में सीसीएसयू प्रदेश का पहली सोलर ऊर्जा से चलित यूनिवर्सिटी होगी.

-प्रशांत कुमार

सह प्रेस प्रवक्ता, सीसीएसयू