टूटे जबड़े के बावजूद शतकीय पारी
दरअसल, दिल्ली की तरफ से पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्मुक्त चंद ने 125 गेंद की पारी में 12 चौके और तीन छक्कों की मदद से 116 रन बनाये हैं। बता दें कि उन्मुक्त मैच की शुरुआत से पहले ही नेट पर चोटिल हो गए थे, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने इस मुकाबले में अपनी शतकीय पारी खेल मैच को अपने कब्जे में कर लिया।

अंडर 19 के विजेता हैं उन्मुक्त
बता दें कि विजय हज़ारे ट्रॉफी के टूर्नामेंट में चौके और छक्कों का बौछार करने वाले उन्मुक्त चंद अंडर 19 भारतीय टीम के कप्तान रहने के साथ अंडर-19 विश्व कप विजेता भी रह चुके हैं। इस मैच में उन्मुक्त चंद ने अपने साथी और ओपनर बल्लेबाज़ हितेन दलाल के साथ मिलकर शानदार शुरुआत की, दोनों ने पहले विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी की।

पहले भी कर चुके हैं कमाल का प्रदर्शन
इस पारी की खासियत ये रही कि उन्मुक्त के प्रदर्शन ने भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज और भारतीय टीम के पूर्व कोच अनिल कुंबले की उस दमदार गेंदबाजी की याद दिला दी, जब चोटिल होने के बावजूद उन्होने एक मैच में दस विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया था। ये पहला मौका नहीं है जब उन्मुक्त ने शानदार खेल दिखाया है। साल 2012 के अंडर 19 विश्वकप के फाइनल में उन्मुक्त ने एतिहासिक पारी खेलते हुए नाबाद 111 रन बनाए थे। वो मैच में पारी की शुरुआत करने आए थे। अपनी उस पारी के दौरान उन्होंने 7 चौके और 6 छक्के लगाए थे।

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