दो बार डेट बढ़ने के बाद भी स्कूलों ने नहीं भेजी व्यवस्थाओं की जानकारी

बोर्ड परीक्षा में कड़ाई का दिखने लगा स्कूलों पर असर

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ALLAHABAD: यूपी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल पर नकेल कसने के लिए बोर्ड की तरफ से कई कदम इस बार उठाए गए थे. इसका असर ये रहा कि इस बार बोर्ड परीक्षा में करीब 11 लाख स्टूडेंट्स ने बोर्ड परीक्षा छोड़ दी. इस बार बोर्ड ने सीसीटीवी के साथ ही वाइस रिकार्डिग लगाने का भी निर्देश दिया है. इसके बाद बोर्ड परीक्षा का सेंटर बनाने के लिए हर पैंतरा अपनाने वाले स्कूल भी सेंटर बनने से बचने के लिए जुगत लगाने में लग गए है. ये हम नहीं बल्कि बोर्ड की तरफ से स्कूलों में व्यवस्थाओं की डिटेल मांगने के बाद अभी तक स्कूलों की तरफ से कोई जानकारी नहीं देने की स्थिति बता रही है. बोर्ड की तरफ से डिटेल देने के लिए दो बार तिथि बढ़ाई जा चुकी है. इसके बाद भी अभी तक यूपी बोर्ड के ज्यादातर स्कूलों ने डिटेल नहीं भेजी है.

दे रहे आधी अधूरी जानकारी

शासन के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा के दौरान कड़ाई का ही असर है कि बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल पहले तो जानकारी देने से बच रहे हैं. जिन स्कूलों ने बोर्ड को जानकारी उपलब्ध करायी है. उन्होंने ने भी स्कूल में मौजूद व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लेकर आधी अधूरी जानकारी ही उपलब्ध करायी है. ताकि केन्द्र बनाने के मानकों में उनका स्कूल फेल हो जाए और बोर्ड परीक्षा का सेंटर उनके स्कूल में ना बन सके. यही कारण है कि दो बार 6 अगस्त और फिर 16 अगस्त तक जानकारी देने की डेट बढ़ाने के बाद भी स्कूलों में इसे लेकर कोई खास रूचि नहीं दिख रही है.

वर्जन

जिन स्कूलों ने अभी तक डिटेल भेजी है, उनकी जांच संबंधित जिलों के डीआईओएस द्वारा करायी जा रही है. ताकि स्कूलों की तरफ से उपलब्ध जानकारी की हकीकत जानी जा सके.

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड