यूपी बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए शुरू की नई व्यवस्था

पहले चरण में चार साल के छात्रों का सर्टिफिकेशन आनलाइन

बार कोड स्कैन करने पर मिल जाएगी छात्र की पूरी डिटेल

prakashmani.tripathi@inext.co.in

ALLAHABAD: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में एपीयर होने वाले छात्रों के लिए गुड न्यूज है. खास तौर से उन छात्रों के लिए जो किसी कारण से या तो प्रदेश से शिफ्ट हो चुके हैं या एडमिशन के लिए सर्टिफिकेट के चक्कर में परेशान हैं. बोर्ड ने सोमवार को इसका आनलाइन साल्यूशन दे दिया. बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2014-15 से लेकर 2017-18 तक बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों का सर्टिफिकेट अपनी साइट पर अपलोड कर दिया है. सभी सर्टिफिकेट पर यूनीक बार कोड अंकित है. इसे स्कैन करते ही छात्र का पूरा डाटा सामने आ जाएगा.

ऐसे निकालें प्रिंटआउट

यूपी बोर्ड की ऑफिशियल साइट पर जाएं

जनहित गारंटी अधिनियमन पर क्लिक करें

सामने खुलकर आने वाली विंडो पर अंक-पत्रा/प्रमाण पत्र लिखा होगा

डाउनलोड सर्टिफिकेट ऑप्शन पर क्लिक करें

सामने खुलकर आने वाली विंडों में अपना रोल नंबर फिल करें

इसके बाद दिये गये सुरक्षा कोड को फिल करें

इसके बाद आपका सर्टिफिकेट सामने होगा

इसे कलर प्रिंट कराकर अपने पास रखें

सर्टिफिकेट पर अंकित बार कोड से इसे आनलाइन वेरीफाई किया जा सकेगा

इसके लिए स्कूल जाने की जरूरत नहीं है

फिलहाल अंक पत्र डाउनलोड करने की सुविधा नहीं है

अब तक की व्यवस्था

यूपी बोर्ड परीक्षाफल जारी करता है

रिजल्ट घोषित होने के एक सप्ताह बाद अंक-पत्र और प्रमाण पत्र स्कूलों को भेजे जाते हैं

प्रत्येक छात्र को स्कूल जाकर इसे रिसीव करना होता है

स्कूलों में ग्रीष्मावकाश के चलते कई काफी विलंब हो जाता है

अब दिये जाने वाले डाक्यूमेंट में अंक-पत्र व सर्टिफिकेट साथ होता है

टाइम सेव करना है परपज

सोमवार को व्यवस्था का इनॉगरेशन करते हुए बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि इसका मकसद छात्रों को बिना वजह की परेशानी से बचाने के साथ उनके लिए टाइम सेव भी करना है. सर्टिफिकेट गुम हो जाने की दशा में भी उन्हें ऑफिस-ऑफिस का चक्कर नहीं काटना होगा. इससे उनका किसी भी स्थान पर कोई काम नहीं रुकेगा.

अभी चार सालों का ही सर्टिफिकेट

बोर्ड की तरफ से पहली बार शुरू की गई नई व्यवस्था के अन्तर्गत छात्रों को सिर्फ चार सालों का ही सर्टिफिकेट बोर्ड की आफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है. बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अन्य सालों के स्टूडेंट्स के सर्टिफिकेट भी शीघ्र ही अपलोड कर दिया जाएगा.

क्यू आर कोड रोकेगा फर्जीवाड़ा

बोर्ड की तरफ से अपलोड किए गए सर्टिफिकेट में क्यूआर कोड भी दिया गया है

बोर्ड की वेबसाइट से सर्टिफिकेट डाउनलोड करके प्रिंट कराने पर क्यूआर कोड भी अंकित मिलेगा

इसे मोबाइल से भी स्कैन करने पर छात्र की बोर्ड में दर्ज पूरी डिटेल मोबाइल स्क्रीन पर दिख जाएगी

इस व्यवस्था के लागू होने से सबसे अधिक उन लोगों को होगा, जो किसी भी जगह पर आवेदन करने के बाद डाक्यूमेंट के वेरीफिकेशन कराने के लिए बोर्ड का चक्कर लगाते हैं

2478

सरकारी स्कूलों की संख्या

20,000

वित्त विहीन स्कूलों की संख्या

4500

एडेड स्कूलों की संख्या

36,56,272

सत्र 2017-18 में हाईस्कूल पंजीकृत स्टूडेंट्स की संख्या

30,28,767

परीक्षा में शामिल स्टूडेंट्स की संख्या

22,76,445

बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण स्टूडेंट्स की कुल संख्या

29,82,996

सत्र 2017-18 में इंटरमीडिएट पंजीकृत स्टूडेंट्स की संख्या

26,04,093

परीक्षा में शामिल स्टूडेंट्स की संख्या

18,86,050

बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण स्टूडेंट्स की कुल संख्या

फिलहाल चार वर्षो के स्टूडेंट्स के ही सर्टिफिकेट अपलोड किए गए हैं. आगे इसका दायरा बढ़ाया जाएगा. बोर्ड की तरफ से छात्रों को अधिक से अधिक सहूलियत देने के लिए लगातार नई प्रयास किए जा रहे हैं.

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड