-एप के जरिए एक साथ 27 सुविधाओं का ले सकेंगे लाभ

-सिटीजन सर्विस के बारे में अवेयर करने के निर्देश जारी

BAREILLY: पुलिस से जुड़े सारे काम एक स्मार्ट क्लिक से पूरे हो जाएं तो फिर थाने या फिर सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की क्या जरूरत. या फिर यूं कहें कि पुलिस से जुड़ी सभी सुविधाएं अब आपकी मुट्ठी में होंगी. जी हां ऐसा होने वाला यूपी पुलिस के एक मोबाइल एप से. इस एप का नाम यूपी कॉप मोबाइल एप है. इस एप का बीटा ट्रायल वर्जन लांच किया जा चुका है. एडीजी टेक्निकल सर्विसेस की ओर से इस एप में सुधार और पब्लिक को इसके बारे में जानकारी देने और अधिकारियों को इसके फंक्शन को समझने को लेकर सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं. इस एक एप के जरिए ई-एफआईआर, रोड एक्सीडेंट एरिया, ट्रैफिक अलर्ट, धरना-प्रदर्शन की अनुमति जैसी 27 सुविधाएं मिलेंगी. आइए बताते हैं कि क्या-क्या सुविधाएं एप के जरिए ले सकते हैं..

डीसीआरबी और एलआईयू से भ्ाी रिपोर्ट

इस एप के जरिए पब्लिक सीधे ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए आवेदन कर सकती है. जिसके बाद एसएसपी या एसपी थाना, डीसीआरबी और एलआईयू की रिपोर्ट के बाद डिजिटल सिग्नेचर से प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करा सकेंगे. पहले सिर्फ थाने से ही रिपोर्ट ली जाती थी लेकिन अब डीसीआरबी और एलआईयू के लिए आवेदन स्वत: भी ऑनलाइन पहुंच जाएगा. डीसीआरबी और एलआईयू निर्धारित समय में रिपोर्ट एसएसपी या प्रभारी अधिकारी के पास ऑनलाइन भेज देंगे. एप को सीसीटीएनएस से लिंक किया गया है. सीसीटीएनएस को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से भी लिंक किया जा चुका है.

ई-एफआईआर

वाहन चोरी, वाहन लूट, स्नैचिंग, नकबजनी, बच्चों की गुमशुदगी, लूट, डकैती और साइबर क्राइम की ई-एफआईआर अज्ञात अपराधी के खिलाफ दर्ज कराई जा सकती है.

व्यू एफआईआर

इस एप के जरिए पब्लिक का कोई भी शख्स इस ऑप्शन के जरिए अपने द्वारा दर्ज एफआईआर बिना थाने जाए देख सकता है और उसे डाउनलोड भी कर सकता है.

रिपोर्ट लॉस्ट आर्टिकल

इस ऑप्शन के जरिए पब्लिक अपने खोए हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज करा सकती है. उसकी रिसीविंग प्राप्त कर सकती है और सामान वापस मिलने पर भी सूचना दे सकती है.

नो पुलिस स्टेशन

इस ऑप्शन के जरिए पब्लिक जिस जगह पर खड़ी है, वहां आसपास के थाने के बारे में जान सकती है और फिर संभव मदद प्राप्त कर सकती है

एक्सीडेंट अलर्ट एरिया

इस टैब के जरिए कोई भी एक्सीडेंट एरिया के बारे में जान सकता है. उस एरिया में कितने एक्सीडेंट हुए इसका भी पता चल सकता है.

स्टोलन या रिकवर्ड व्हीकल

इसके जरिए चोरी हुए वाहन के बारे में डिटेल जान सकता है, इसमें उसे व्हीकल का रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा.

दिव्यांग

इस ऑप्शन के जरिए दिव्यांग लिखकर या फिर बोलकर अपनी शिकायत पुलिस से कर सकते हैं.

कॉल अस

इस ऑप्शन के जरिए किसी भी जिले के अधिकारी, सीओ और थाना प्रभारी का नंबर प्राप्त कर सकते हैं और एप से डायरेक्टर उन्हें कॉल कर सकते हैं.

यह ऑप्शन भी हैं मौजूद

करेक्टर सर्टिफिकेट, डोमेस्टिक हेल्प वेरीफिकेशन, इम्प्लॉयी वेरीफिकेशन, टीनेंट वेरीफिकेशन, प्रोसेशन रिक्वेस्ट, प्रोटेस्ट या स्ट्राइक रिक्वेस्ट, इवेंट परफॉर्मेस, फिल्म शूटिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीनियर सिटीजन, शेयर इन्फॉरमेशन, रिपोर्ट मिसबिहेवियर, सर्च स्टेटस, इमरजेंसी हेल्पलाइन, अनएडेंटीफाइड डेड बॉडीज, मिसिंग पर्सन, रिवार्डेड क्रिमिनल्स, अरेस्टेड एक्यूज्ड, साइबर अवेयरनेस.