- आईएएस बी चंद्रकला समेत सभी 11 आरोपितों को भेजा नोटिस
- ईडी लखनऊ ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट में दर्ज किया केस
- अखिलेश और गायत्री की भूमिका की भी पड़ताल करेगी ईडी


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LUCKNOW: ईडी की लखनऊ ब्रांच में गुरुवार को केस दर्ज करने के बाद सभी आरोपितों को पूछताछ के लिए नोटिस भी भेजा गया है। उनको जल्द ही ईडी दफ्तर में पेश होने को कहा गया है। इनमें हमीरपुर की तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला भी शामिल हैं। वहीं ईडी के सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान तत्कालीन खनन मंत्रियों की भूमिका की पड़ताल भी होगी। ध्यान रहे कि घोटाले की अवधि के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के पास खनन विभाग का जिम्मा था।

सीबीआई ने मारे थे छापे
बताते चलें कि विगत पांच जनवरी को खनन घोटाले की जांच कर रही नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय की स्पेशल क्राइम-थ्री यूनिट की टीम ने हमीरपुर में हुए घोटाले की जांच के लिए सात शहरों में 14 जगहों पर छापेमारी कर काली कमाई के सुबूत जुटाए थे। इससे पहले सीबीआई ने हमीरपुर की तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला, तमाम लीज होल्डर, खनन विभाग के अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी। साथ ही यह भी उल्लेख किया था कि घोटाले की अवधि के दौरान खनन विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्रियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

अवैध खनन को बदस्तूर जारी रहने दिया

सीबीआई की इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी सभी 11 आरोपितों के खिलाफ गुरुवार को मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करते हुए उन्हें नोटिस भी इश्यू कर दिया। दरअसल सीबीआई की जांच में सामने आया था कि डीएम बी चंद्रकला ने नियमों को दरकिनार कर सत्ता के करीबी लोगों को 50 से ज्यादा पट्टे आवंटित किए थे। कई पट्टों का रिनीवल कर दिया और अवैध खनन को बदस्तूर जारी रहने दिया। इसी वजह से छापेमारी से पहले सीबीआई के डिप्टी एसपी केबी शर्मा ने दो जनवरी को बी चंद्रकला समेत 11 लोगों को आपराधिक साजिश रचने, चोरी, वसूली, धोखाधड़ी, अपराध करने के लिए प्रेरित करने और क्रिमिनल मिसकंडक्ट का आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की थी।

24 को बुलायी गईं चंद्रकला
ईडी ने बी चंद्रकला को उनके नोयडा के सेक्टर 50 स्थित फ्लैट पर नोटिस भेजकर आगामी 24 जनवरी को ईडी कार्यालय आने को कहा है ताकि उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किया जा सके। इसके अलावा सपा एमएलसी रमेश मिश्रा को आगामी 28 जनवरी को तलब किया गया है। ईडी ने सभी आरोपितों को जनवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर 10 फरवरी तक आने का नोटिस दिया है। साथ ही डीएम हमीरपुर को पत्र लिखकर वर्ष 2012 से 2016 के बीच जारी किए गये खनन के पट्टों, रिनीवल आदि से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।  

इनके खिलाफ ईडी ने केस किया दर्ज

तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला, खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, क्लर्क राम आश्रय प्रजापति, सपा एमएलसी रमेश कुमार मिश्र व उनके व्यापारी भाई दिनेश कुमार मिश्र, लीज होल्डर अंबिका तिवारी, लीज होल्डर संजय दीक्षित, लीज होल्डर सत्यदेव दीक्षित, लीज होल्डर रामअवतार सिंह, लीज होल्डर करन सिंह, लीज होल्डर आदिल खान।  

फैक्ट फाइल
- 11 आरोपितों के खिलाफ ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर थमाया नोटिस
- 5 जनवरी को सात शहरों के 14 ठिकानों पर सीबीआई ने की थी छापेमारी
- 11 सरकारी अफसरों और निजी लोगों पर एफआईआर भी की थी दर्ज
- 2।12 करोड़ रुपये कैश, 3।80 किलो सोना बरामद हुआ था छापेमारी में
- 2012 से 2016 के बीच खनन घोटाले की हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही जांच।

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