-फूड स्टॉल्स पर बिक रहे हैं दोगुना रेट पर सामान, रोडवेज अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

-दिन की अपेक्षा रात में खाने-पीने के आइटम्स की खरीद पर स्टॉल संचालक वसूलते हैं मनमाना दाम

Case-1

शक्तिनगर निवासी रिशु सिंह से कैंट बस स्टेशन पर फूड स्टॉल वाले ने पंद्रह रुपये का पानी का बोतल 20 रुपये में बेच दिया. विरोध करने पर दुकानदार ने मारपीट तक करने की धमकी दी.

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जौनपुर जा रहे विश्वजीत पांडेय को कैंट बस स्टेशन पर एक फूड स्टॉल के दुकानदार ने बिस्किट का पैकेट 20 रुपये में थमा दिया. जबकि उस पर रेट 15 रुपये ही प्रिंट था. पैसेंजर ने बस स्टेशन के अधिकारियों से शिकायत की है.

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कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर समोसा-छोला की दुकान पर पहुंचे गाजीपुर के उज्ज्वल राय से अधिक पैसा ले लिया गया. कीमत से अधिक दाम वसूलने की शिकायत एआरएम तक से की गई है.

जांच का दरकार

ये तीनों केसेज तो महज एक बानगी भर हैं. कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर हर दिन खान-पान के नाम पर यात्रियों से मनमाना रेट वसूला जा रहा है. इसकी शिकायत रोडवेज विभाग के आलाधिकारियों से कई बार की गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. बस स्टेशन पर कुछ चुनिंदा दुकानें हैं, इनके द्वारा सामान के रेट से कहीं ज्यादा पैसे लेने शिकायत अक्सर की जाती है फिर भी इन पर अधिकारियों की मेहरबानी बनी हुई है. स्टेशन इंचार्ज से लेकर एआरएम-आरएम तक शिकायत आनलाइन व ऑफलाइन पहुंचती है. दिन के अलावा रात में तो यहां खाने-पीने के बिक रहे सामानों का दोगुना दाम यात्रियों से वसूला जाता है.

नहीं होती कोई कार्रवाई

कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर फूड स्टॉल संचालकों की मनमानी का आलम ये है कि किसी भी सामान का प्रिंट रेट से अधिक दाम वसूल रहे हैं. खासतौर पर खाने-पीने की चीजों पर तो जैसे लूट मचा रखी है. ये सब अफसरों के सामने हो रहा है लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं. यही कारण है कि कुछ माह पूर्व यूनियन के नेताओं ने अधिकारियों को एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमें अधिकतर दुकानों में अनियमितता पाये जाने की जानकारी दी गई थी. कार्रवाई होती तो एक दर्जन दुकानों का निरस्तीकरण संभव था. मगर सेटिंग गेटिंग ने पूरा माजरा ही बदल दिया.

कैंटीन में बेच रहे प्रदूषित सामान

स्टेशन पर चलने वाली कैंटीन में यात्रियों की खूब जेब कट रही है. छोला-समोसा एक तो महंगा ऊपर से दोनों प्रदूषित होता है. गंदगी को देखते हुए ही शुरुआत में तो आरएम केके शर्मा ने खाद्य सुरक्षा व औषधि विभाग की टीम भेजकर जांच भी कराई थी जिसमें कैंटीन वालों के यहां सबसे ज्यादा गंदगी पाई गई थी. इस पर कैंटीन व फूड स्टाल्स संचालकों से जुर्माना भी वसूला गया था. कैंटीन में बिक रहे प्रदूषित फूड आइटम्स से भी यात्रियों को बचाना रोडवेज अधिकारियों के लिए चुनौती है.

एक नजर

27

दुकानें रोडवेज कैंट बस स्टेशन पर हैं

15

दुकानों में भारी अनियमितता पाई गई थी

20

हजार से अधिक यात्रियों की होती है रोजाना भीड़

रोडवेज बस स्टेशन पर रेट से अधिक दर पर सामान बेचने वाले दुकानदारों की यदि शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. दुकान का निरस्तीकरण भी संभव है.

केके शर्मा, आरएम

रोडवेज बनारस डिवीजन