अमरीका 2028 तक DNA कंप्‍यूटर पर स्‍टोर करना चाहता है अपना खुफिया डेटा

कानपुर। अमेरिका का रक्षा विभाग यानी पेंटागन अपनी तमाम प्राइवेट जानकारियों और खुफिया सूचनाओं के अथाह भंडार को सुरक्षित रखने के लिए उसे DNA आधारित डेटाबेस में स्टोर करना चाहता है। डेलीमेल ने अमरीकी इंटेलिजेंस ऑफिशियल्स के हवाले से एक रिपोर्ट दी है। यह रिपोर्ट बताती है कि पेंटागन ऐसे टेक्नीकल लोगों की टीम खोज रहा है, जो लोग एक नया डिजिटल स्टोरेज सिस्टम डेवलप करें। यह सिस्टम ऐसा होगा जो हमारे शरीर के डीएनए स्ट्रक्चर के आधार पर काम करेगा। यानि कि इसमे DNA की तरह अथाह संख्‍या में डाटा स्टोर किया जा सके और वो डेटा हजारों-लाखों साल तक उस स्‍टोरेज कंप्‍यूटर में सुरक्षित रह सके। बता दें कि अमरीका का प्‍लान है कि भविष्य का यह स्टोरेज सिस्टम साल 2028 तक काम करना शुरु कर दे।


लाखों गुना ज्‍यादा डेटा स्‍टोर कर सकेगा यह कंप्‍यूटर

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक डीएनए कंप्‍यूटर Exobyteस्केल पर डेटा को स्‍टोर करने की क्षमता रखेगा। डिजिटल डेटा की दुनिया में Exobyteस्केल बहुत बड़ी मात्रा में डेटा स्‍टोर और ट्रांसफर को दर्शाती है। हम इस डिजिटल डेटा स्‍केल को आसान शब्‍दों में यूं समझ सकते हैं। यानि Exobyteडाटा स्‍टोरेज में एक iPhone X के टॉप मॉडल की टोटल मेमोरी कैपेसिटी का 40 लाख गुना डेटा स्‍टोर किया जा सकेगा। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह डाटा स्टोरेज सिस्टम आजकल के सभी प्रचलित डाटा स्टोरेज डिवाइसेस से हजारों लाखों गुना ज्यादा शक्तिशाली और क्षमता वाला होगा।

कुछ सालों में अमरीका अपनी खुफिया सूचनाओं को dna में करेगा स्टोर!


कई लाख साल तक के लिए स्‍टोर हो सकेगा डिजिटल डेटा

DNA बेस्ड स्टोरेज सिस्टम के बारे में रिपोर्ट बताती है कि DNA स्टोरेज में लाखों सालों के लिए अनंत डाटा को स्टोर और होल्ड करने की क्षमता होगी। इसी को आधार मानकर पेंटागन अपने देश और नागरिकों से जुड़े तमाम गोपनीय और खुफिया डेटा के अनंत भंडार को हमेशा के लिए सुरक्षित रखना चाहता है और यह तभी पॉसिबल है जब DNA स्टोरेज सिस्टम काम करना शुरू कर दें।


लाइवसाइंस की रिपोर्ट बताती है कि अमरीका की 'इंटेलीजेंस एडवांस्‍ड रिसर्च प्रोजेक्‍ट एक्‍टीविटी' एजेंसी देश के लिए डीएनए बेस्‍ड स्‍टोरेज सिस्‍टम को बनाने पर काम करेगी। इस सरकारी एजेंसी का कहना है कि भविष्‍य के इस डिजिटल स्‍टोरेज सिस्‍टम में टेबल पर रखी जाने वाली मशीन पॉलीमर्स के समूहों में अथाह डेटा स्‍टोर कर सकेगी। बता दें कि DNA सिस्‍टम में एक सबसे अच्छी खूबी यह होती है कि इसमें मौजूद डाटा सैकड़ों हजारों साल तक खराब नहीं होता। जबकि दुनिया के किसी भी प्रचलित स्टोरेज सिस्टम में ऐसी सुविधा नहीं है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक सीनियर कंप्यूटर साइंटिस्ट ने साइंसमैग वेबसाइट को बताया कि ऑडियो वीडियो कैसेट, CD या हार्ड ड्राइव कोई भी डिजिटल डाटा को सैकड़ों या हजारों साल तक स्टोर नहीं रख पाते।

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