वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका ने सोमवार को 12 विदेशी कंपनियों को अपनी निगरानी सूची रखा है, जिनमें चीन और पाकिस्तान की कंपनियां भी शामिल हैं। इन दोनों के अलावा अमेरिका ने कई अन्य देशों की कंपनियों को भी अपनी निगरानी सूची में डाल दिया है। अमेरिका की तरफ से यह कदम देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसमें साइबर सुरक्षा भी शामिल है। डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने बताया कि निगरानी सूची में रखी जाने वाली 12 कंपनियों में हॉन्गकॉन्ग-चीन की चार, चीन की 2, पाकिस्तान की एक और अमीरात की पांच कंपनियां शामिल हैं। अमेरिकी कॉमर्स मंत्री विल्बर रॉस ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी नागरिकों या राष्ट्र की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है। इस लिस्ट में कंपनियों के अलावा कुछ खास व्यक्तियों को भी रखा गया है।

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कुछ कंपनियों ने किया ईरान का सपोर्ट
उन्होंने कहा कि चीन की कंपनियां अमेरिकी टेक्नोलॉजी को ट्रांसफर कर सकें और यहां की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएं, हम कभी भी ऐसा होने नहीं देंगे। हॉन्गकॉन्ग-चीन की जिन चार कंपनियों को निगरानी सूची में रखा गया है, उनपर अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद ईरान का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा अन्य कंपनियों या व्यक्तियों को अमेरिकी नियमों का उल्लंघन करने के लिए निगरानी सूची में रखा गया है। इसके बाद पाकिस्तान की एक कंपनी पर न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। इसलिए, उसे भी अमेरिका की निगरानी सूची में डाल दिया गया है।

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