वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका ने कहा कि नवंबर से मई के बीच सभी देशों को ईरानी तेल के आयात पर रोक लगाने की बात कही गई थी लेकिन अब भी जो राष्ट्र ईरान से अपने देश में तेल मंगाना जारी रखते हैं तो उनपर कोई भी रियायत नहीं बरती जाएगी, उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि भारत और चीन अब भी तेहरान से तेल खरीदने के तरीके की तलाश कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने ईरान के तेल निर्यात को शून्य करने के प्रयास में भारत और चीन जैसे देशों को ईरान से तेल खरीद पर छूट देने से इनकार कर दिया था। हाल ही में एक भारतीय अधिकारी ने मीडिया से कहा कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से तेल आयात को फिर से शुरू करने का तरीका ढूंढ रहा है। इसी मीडिया रिपोर्ट के बाद अमेरिका ने एक बार फिर अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है।

छह महीने का मिला था समय
हालांकि, पिछले हफ्ते अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत ने 2 मई के बाद ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया है। बता दें कि अमेरिका ने भारत सहित कई अन्य देशों को ईरान से तेल आयात खत्म करने के लिए नवंबर से मई तक यानी कुल छह महीने तक का समय दिया था। ईरान के विशेष प्रतिनिधि और अमेरिका के वरिष्ठ नीति सलाहकार ब्रायन हुक ने गुरुवार को कहा, 'अब किसी भी देश को तेल आयात में छूट नहीं दी जाएगी और हमने ईरान से तेल आयात को खत्म करने के लिए नवंबर 2018 से मई 2019 तक का समय दिया था, उसपर पहले बात हो चुकी थी। हम बार बार एक ही बात नहीं कहेंगे।अगर किसी ने तय समय सीमा के बाद भी ईरान से तेल आयात किया है, तो उसे बिना किसी संदेह के प्रतिबंधों का सामना करना होगा। हम इस मामले में बहुत गंभीर हैं। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों से बचना है तो अब से सभी देशों को ईरानी तेल के आयात को बंद ही करना होगा।'

30 देशों ने खत्म किया आयात
इसके बाद भारत और चीन पर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा, 'जिन देशों के बारे में आपने बात की, मुझे लगता है कि उन्हें भी इस बात की जानकारी है। हमारे पास ऐसे करीब 30 देश हैं जो पहले ईरानी तेल का आयात करते थे लेकिन अब वह पूरी तरह से इस आयात को खत्म कर चुके हैं। इससे ईरान को काफी नुकसान हुआ है।' बता दें कि ईराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर है। ईरान से तेल आयात रोकने के बाद भारत में इसका खास असर देखने को मिलेगा। मई में परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ईरान पर नई शर्तो के साथ परमाणु समझौता करने का दवाब डाल रहा था, इसके लिए ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ईरानी नेताओं के साथ सीधी बातचीत के लिए पेशकश भी रखी थी लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया।

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