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LUCKNOW : 'सर, पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर बेवजह किसी नेता या मंत्री के कहने पर न किया जाये। मेरा ट्रांसफर इसी तरह एक नेता की झूठी शिकायत पर कर दिया गया था। लेकिन, जब इसकी जानकारी अधिकारियों को लगी तो ट्रांसफर कैंसिल कर दिया गया। इससे मेरा हौसला इस कदर बढ़ा कि मैंने अकेले ही 45 हजार के इनामी को अरेस्ट कर लिया।' यह बोल हैं कौशांबी जिले के 'टॉप कॉप ऑफ द मंथ' चुने गए कॉन्सटेबल विष्णु पाल के और उनके सामने थे खुद डीजीपी ओपी सिंह। डीजीपी ने विष्णु की पीठ थपथपाई और उसे बेखौफ होकर ड्यूटी करने को कहा। मौका था डीजीपी द्वारा इनवाइट किये गए 'टॉप कॉप ऑफ द मंथ' चुने गए पुलिसकर्मियों के साथ लंच का। यूपी पुलिस के 68 कॉन्सटेबल्स के लिये रविवार कभी न भूलने वाला दिन बन गया। यह लंच खास इसलिए भी था क्योंकि, यह आयोजन किसी होटल या मेस में नहीं बल्कि सीतापुर रोड स्थित एक ढाबे पर हुआ। मौके की अहमियत को गंभीरता से लेते हुए ढाबा संचालक ने भी सभी पुलिसकर्मियों को एक से एक व्यंजन परोसे।

68 कॉन्सटेबल्स का चयन
डीजीपी ओपी सिंह ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में बेहतरीन काम करने वाले पुलिसकर्मी को 'कॉप ऑफ द मंथÓ का खिताब देने की पहल की है। बीते छह महीने से जारी इस प्रक्रिया के बाद डीजीपी ने इन पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने की सोची और प्रदेश के जिलों से चुने गए 68 कॉन्सटेबल का चयन कर उन्हें रविवार को लंच के लिये इनवाइट किया। जिलों से पहुंचे कॉन्सटेबल्स डीजीपी हेडक्वार्टर पहुंच चुके थे। उन्हें गाडिय़ों में बिठाया गया और डीजीपी के नेतृत्व में काफिला चल पड़ा सीतापुर रोड की ओर। पुलिसकर्मियों का लंबा चौड़ा काफिला देख हर कोई हैरत में था। अंतत: काफिला सीतापुर रोड स्थित फौजी ढाबा पहुंचकर थम गया।

कॉप ऑफ द मंथ : यूपी डीजीपी ने पुलिसकर्मियों संग ढाबे पर किया लंच आैर ली सेल्फी भी

ढाबे पर पहले से थे खास इंतजाम
काफिला पहुंचते ही ढाबे के कर्मचारी व संचालक पुलिसकर्मियों की आवभगत में जुट गए। पुलिसकर्मियों के साथ डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी आदित्य मिश्र, आईजी रेंज सुजीत पांडेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी भी एक ही कतार में बैठ गए। जिन अफसरों के सामने पुलिसकर्मियों की खड़े होने की हिम्मत नहीं होती थी, वे साथ बैठकर लंच करने वाले थे, यह बात कई पुलिसकर्मियों को सपना सरीखी लग रही थी। वेटर्स ने एक-एक कर सबकी प्लेट लगाई और दाल फ्राई, सब्जियां, रोटियां और चावल परोस दिये। डीजीपी से लेकर सभी कॉन्सटेबल्स ने स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ लिया। लंच के दौरान ही डीजीपी ने सभी 75 कॉन्सटेबल्स से उनकी समस्याएं पूछीं और उनका जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया। डीजीपी ने कहा कि बेहतरीन काम करने वाले पुलिसकर्मियों के उत्साहवर्धन के लिये ऐसे कार्यक्रम आगे भी किये जाएंगे।
 
सेल्फी लेने की मची होड़
लंच और कुल्हड़ वाली चाय का लुत्फ लेने के बाद डीजीपी ओपी सिंह रवाना होने के लिये अपनी कार की ओर बढ़े। लेकिन, उत्साहित पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और उनके संग सेल्फी लेने लगे। पुलिसकर्मियों का उत्साह देख डीजीपी ने भी उन्हें सेल्फी लेने का पूरा मौका और वक्त दिया। करीब 20 मिनट तक सेल्फी सेशन चलता रहा। जिसके बाद डीजीपी सिंह वहां से रवाना हो सके।

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